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VIDEO : परिवहन निगम कहता है अवैध बसें चल रही हैं, परिवहन विभाग कहता है कभी नहीं दिखतीं

ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 20, 2017, 8:46 AM IST
ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 20, 2017, 8:46 AM IST
देहरादून में टूरिस्‍ट परमिट की आड़ में बड़े पैमाने पर बसों का अवैध संचालन किया जा रहा है. राज्‍य परिवहन निगम का कहना है कि इन बसों के कारण लाखों रुपए का घाटा हो रहा है, तो दूसरी ओर परिवहन विभाग कहता है कि जांच में इस तरह की कभी कोई बस नहीं मिलती.

देहरादून स्थित अंतरराज्‍यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) परिसर के पास से ही धड़ल्‍ले से प्रायवेट बसों का संचालन हो रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आईएसबीटी के एक किलोमीटर के दायरे में प्रायवेट वाहनों का संचालन प्रतिबंधित है. फिर भी परिवहन विभाग की शह पर आईएसबीटी से टूरिस्ट परमिट बसें अवैध तरीके से फुटकर सवारियां धड़ल्‍ले से ढो रही हैं.

न्‍यूज18/ईटीवी की टीम ने जब इस मामले की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य मिले. सबसे खास बात तो यह देखने को मिली कि बसों में बाकायदा बाउंसर भी साथ चल रहे थे. वहीं इस अवैध गोरखधंधे को ऑनलाइन टिकट के जरिए चलाया जा रहा है, जो पूरी तरह से अवैध क्योंकि टूरिस्ट परमिट बसों के पास ऑनलाइन टिकट बुकिंग का लाइसेंस नहीं होता है.

न्‍यूज18/ईटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक देहरादून के साथ ही प्रदेश के कई क्षेत्रों में ये बसें पिछले 5 सालों से अवैध तरीक से संचालत हो रही हैं. इसकी वजह से परिवहन निगम को रोजाना करीब 50 लाख तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

कई बार की जा चुकी है शिकायत : सिंह
आईएसबीटी के सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) केपी सिंह का कहना कि इसकी शिकायत कई बार परिवहन विभाग और स्‍थानीय पुलिस प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है. इन अवैध बसों के कारण निगम को लाखों रुपए का घाटा हो रहा है.

जांच में कभी ऐसी कोई बस नहीं मिली : पांडेय
दूसरी ओर देहरादून के एआरटीओ अरविंद पांडेय का कहना कि परिवहन विभाग किसी भी तरह नियमों की अवहेलना नहीं कर रहा है. उनकी टीम को जांच में आईएसबीटी से इस तरह संचालित होने वाली कोई बस कभी नहीं मिली. यहां लोकल बसें ही सवारियां उठाते हुए मिलती हैं.

21 मई से आमरण अनशन की चेतावनी
बीजेपी के परिवहन प्रकोष्ठ के निवर्तमान अध्यक्ष वेदप्रकाश महावर ने कहा कि यदि इन अवैध बसों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे 21 मई से आमरण अनशन पर बैठेंगे. रोडवेज कर्मचारी यूनियन के सदस्‍य केपी सिंह ने बताया कि परिवहन निगम के कई कर्मचारी संगठन उनके अनशन को समर्थन दे रहे हैं.
First published: May 20, 2017
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