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मलेशिया में फंसे युवक के परिजनों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार

Mukesh Kumar | ETV UP/Uttarakhand
Updated: April 21, 2017, 3:35 PM IST
मलेशिया में फंसे युवक के परिजनों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
देहरादून के जौनसार बावर में रहने वाले संजय सिंह चौहान मलेशिया जेल में बंद हैं. संजय के चाचा अर्जुन सिंह शुक्रवार को मुख्यमन्त्री आवास पहुंचे, उन्होंने संजय को छुड़ाने की गुहार लगाई. (Photo: News18/ETV)
Mukesh Kumar | ETV UP/Uttarakhand
Updated: April 21, 2017, 3:35 PM IST
पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि उत्तराखंड के एक युवक के मलेशिया में फंसे होने की कहानी सामने आयी है. परिजनों ने उत्तराखंड सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

देहरादून के जौनसार बावर में रहने वाले संजय सिंह चौहान मलेशिया जेल में बंद हैं. चकराता के बरौंथा क्षेत्र के रहने वाला संजय, मार्च 2013 में दिल्ली की प्रीमियम प्लाजा कम्पनी के लोगों के सम्पर्क में आया.

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे पचास हजार रुपये भी जमा करा लिये गये. सितम्बर 2013 में कम्पनी का काम बताकर संजय को मलेशिया भेजा गया, जहां क्वालालमपुर में ड्रग्स तस्करी के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

देहरादून के जौनसार बावर में रहने वाले संजय सिंह चौहान मलेशिया जेल में बंद हैं.
देहरादून के जौनसार बावर में रहने वाले संजय सिंह चौहान मलेशिया जेल में बंद हैं.


संजय के चाचा अर्जुन सिंह शुक्रवार को मुख्यमन्त्री आवास पहुंचे और एक ज्ञापन देकर उसे छुड़ाने की गुहार लगाई. सीएम कार्यालय से मदद का भरोसा दिलाया गया है. संजय के चाचा के मुताबिक 2014 में उसे फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन मामला अभी लम्बित है. उनका कहना है कि संजय भारत का बेटा है. लिहाजा उसे छुड़ाने में मदद की जाये.

परिजनों को इस मामले की जानकारी 2014 में हुई थी, जब जेल से संजय ने अपने पिता को एक मार्मिक पत्र लिखा था. चिट्ठी पढ़कर कोई भी भावनात्मक रूप से हिल जायेगा. परिजनों ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की और कहा कि कम्पनी के लोगों से उसे फंसा दिया है.

लिखित शिकायत के आधार पर देहरादून के बरौंथा थाने में आईपीसी की धारा 420 और 120 बी के तहत मुकद्मा दर्ज कर लिया गया था, लेकिन घटना दिल्ली से जुड़ी होने के चलते मामला दिल्ली आईजीआई थाने को ट्रांसफर कर दिया.
फिलहाल परिजन मदद को भटक रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार संजय को छुड़ाने की दिशा में कोई ठोस पहल करेगी.
First published: April 21, 2017
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