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'कॉलेज के दिनों में चुप-चुप रहते थे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ'

Mukesh Yadav
Updated: March 20, 2017, 6:35 PM IST
'कॉलेज के दिनों में चुप-चुप रहते थे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ'
कोटद्वार के राजकीय महाविद्यालय में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कॉलेज के दिनों के साथी डॉ. पदमेंद्र बुड़ाकोटि ने अजय बिष्ट यानी आज के योगी आदित्यनाथ के बारे में कई अहम बातें बताई.
Mukesh Yadav
Updated: March 20, 2017, 6:35 PM IST
"उत्तराखंड के पौड़ी जिले के रहने वाले अजय बिष्ट यानि आज उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कॉलेज के दिनों में बहुत मिलनसार नहीं थे. स्वभाव से भी तब योगी बहुत मुखर नहीं अन्तर्ममुखी थे. बातचीत में कम ही इन्वॉल्व होते थे. चुप-चुप रहते थे, लेकिन तब भी समाज के लिए कुछ करने की बेचैनी उनमें दिखती थी." कॉलेज के दिनों में अजय बिष्ट यानि योगी आदित्यनाथ के  साथी रहे डॉ. पदमेंद्र बुड़ाकोटि ने उन दिनों के अनुभव साझा किये.

कोटद्वार के राजकीय महाविद्यालय में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कॉलेज के दिनों के साथी डॉ. पदमेंद्र बुड़ाकोटि ने अजय बिष्ट यानी आज के योगी आदित्यनाथ के बारे में कई अहम बातें बताई.

डॉ. बुड़ाकोटि बताते हैं कि 1990 में अजय बिष्ट ने कोटद्वार के राजकीय महाविद्यालय में बीएससी में एडमिशन लिया था. डॉ. पदमेंद्र बुड़ाकोटि का कहना है कि जिस वक्त अजय बिष्ट राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार पहुंचे उन दिनों वे (डॉ पदमेंद्र बुड़ाकोटि) एबीवीपी के जिला प्रमुख हुआ करते थे.

उन्होंने बताया कि वे सभी साथियों के साथ मिलकर राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार में एबीवीपी को मजबूत करने का काम कर रहे थे. योगी आदित्यनाथ 1990 में कॉलेज में पहुंचे थे. उसी वर्ष बीएससी प्रथम वर्ष में ही वे एबीवीपी के सदस्य बन गए थे. 2 साल बाद ही अजय बिष्ट एक योग्य और प्रखर कार्यकर्ता के रूप में सामने आए.

कॉलेज के दिनों में योगी का स्वभाव 
कॉलेज के दिनों के योगी आदित्यनाथ के साथी डॉ. बुड़ाकोटि बताते हैं कि शुरू-शुरू में उनका स्वभाव अन्तर्मुखी था और वे सीधे-सीधे अपनी बात व्यक्त नहीं करते थे. यहां उन्होंने छात्र संघ चुनाव भी लड़ा. लेकिन उसमें भी उन्होंने बहुत खुलकर अपनी बात छात्रों से नहीं कही थी, लेकिन एक बात स्पष्ट थी कि वे समाज के लिए कुछ करना चाहते थे.

संन्यास की चाहत 
योगी के साथी डॉ. पदमेंद्र बुड़ाकोटि बताते है कि राजकीय महाविद्यालय कोद्वार से फिजिक्स, कैमेस्ट्री, मैथ्स से बीएससी के बाद ही उनमें संन्यास की प्रवृत्ति पैदा हुई. इसी सिलसिले में उन्होंने गोरखपुर जाकर दीक्षा ली और संन्यास ग्रहण कर लिया.

गर्व है योगी पर 
डॉ. पदमेंद्र बुड़ाकोटि ने कहा कि पहाड़ से निकला कोई व्यक्ति 1996 के बाद से गोरखपुर से कई बार सांसद चुना गया. उस वक्त पहाड़ के सभी लोगों के लिए लिए यह बेहद गौरव की बात थी. आज की परिस्थितियों में यह और भी गौरवपूर्ण है. बुड़ाकोटि का कहना है कि आज उनके सभी पूर्व साथी बेहद गदगद हैं.
First published: March 20, 2017
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