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कमाती हैं लाखों में, लेकिन इनके लिए एक बस अड्डा तक नहीं

Himanshu Badoni | ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 20, 2017, 1:52 PM IST
कमाती हैं लाखों में, लेकिन इनके लिए एक बस अड्डा तक नहीं
कोटद्वार डिपो की वर्कशॉप और यही बस स्‍टैंड भी है. फोटो : न्‍यूज18/ईटीवी
Himanshu Badoni | ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 20, 2017, 1:52 PM IST

कमाई लाखों में लेकिन इनके खड़े होने के लिए कोई जगह तक नहीं. सुनने में भले ही यह अटपटा सा लगे,लेकिन उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) बस डिपो की बसों की यही सच्चाई है.


दरअसल उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो की बसें हर माह लाखों की कमाई तो कर रही हैं, लेकिन बसें संचालित करने के लिए इनके पास खुद का बस अड्डा नहीं है.


डिपो से होती है सबसे अधिक कमाई        


हालांकि, करोड़ों रुपए के घाटे में चल रहे उत्तराखंड परिवहन निगम का कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) डिपो प्रदेश में निगम के उन चुनिंदा डिपो में से एक है, जो सबसे अधिक कमाई करता है.



रहता है जाम और दुर्घटना का खतरा


डिपो के शाखा मंत्री रामप्रकाश शर्मा का कहना है कि आज भी इस डिपो की 50 से अधिक बसें सड़कों से ही संचालित हो रही हैं. इसके चलते एक ओर जहां दिनभर सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर दुर्घटनाओं की भी आशंका बनी रहती है. उन्‍होंने कहा कि बसों के खड़े रहने से कार्यशाला में कार्य करने के लिए जगह ही नहीं बचती है. यात्री भी आकर कार्यशाला में ही बैठते हैं.


निगम के स्थानीय अधिकारी लंबे समय से अपने आलाधिकारियों को इसके बारे में लिख रहे हैं, लेकिन इस पर अब तक मुख्यालय की तरफ से कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है. डिपो के उपमहाप्रबंधक वीके सैनी का कहना है कि मामला मुख्‍यालय स्‍तर से लंबित था, लेकिन अब मंत्री महोदय ने संज्ञान लिया है.

First published: May 20, 2017
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