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केदारनाथ की लघु जल विद्युत परियोजना सवालों के घेरे में

ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 18, 2017, 7:51 PM IST
केदारनाथ की लघु जल विद्युत परियोजना सवालों के घेरे में
केदारनाथ में लघु जल विद्युत परियोजना का प्‍लांट.
ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 18, 2017, 7:51 PM IST
उत्‍तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (उरेडा) की ओर से बनाई जाने वाली दो किलोवाट की लघु जलविद्युत परियोजना में हो रही देरी में अब सवाल उठने लगे हैं.

केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने कहा कि उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (उरेडा) पर ठेकेदार लगातार हावी होते जा रहे हैं. ठेकेदारों की मनमनी के सामने विभाग नतमस्तक बना हुआ है. यही कारण है कि जिस परियोजना का लाभ केदारपुरी को एक साल पहले मिलना था, वो आज भी अधर
में लटकी है.

रावत ने बताया कि केदार पुरी में 2010 से उरेडा की 2 किलोवाट की लघु जलविद्युत परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ था. उस समय कार्य करने  वाला ठेकेदार ही काम छोड़ कर चला गया. 2013 में आपदा के समय परियोजना क्षतिग्रस्त हुई, तब से नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) इसका

सिविल का कार्य कर रहा है. लेकिन एनआईएम ने इस परियोजना के सिविल के कार्यों में कोताही बरती, जिस कारण परियोजना अधर में लटकी है.

वहीं उरेडा के मुख्‍य परियोजना अधिकारी एके त्‍यागी का कहना है कि परियोजना का एक टेस्टिंग रन पिछले साल अक्‍टूबर में हो चुका है. एक और रन अभी होना था, लेकिन इसके दो वाल्‍व खराब पाए गए, जिन्‍हें बदलने के लिए एनआईएम को लिखा गया है. वह इस दिशा में कार्रवाई कर रहा है. उन्‍होंने
कहा कि हम 15 जून तक इस परियोजना को चालू करने की स्थिति में होंगे.
First published: May 18, 2017
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