राज्य

गांव में उल्टी-दस्त चार मरे, सात दिन बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

ETV UP/Uttarakhand
Updated: June 18, 2017, 11:07 PM IST
गांव में उल्टी-दस्त चार मरे, सात दिन बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
फोटो- ईटीवी
ETV UP/Uttarakhand
Updated: June 18, 2017, 11:07 PM IST
उत्तराखंड के  उत्तरकाशी जिले की सीमा से लगे एक गांव ऐसा भी है, जो कागजों में तो टिहरी जिले में है, मगर गांव की स्वास्थ्य सुविधाएं टिहरी जनपद से नहीं बल्कि उत्तरकाशी जिले से जुड़ी हुई हैं.

सात जून को घियाकोटी गांव में उल्टी और दस्त से 4 लोगों की जान चली गई  लेकिन टिहरी के स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी सात दिन बाद लगी. शनिवार को  स्वास्थ्य विभाग की टीम आधी- अधूरी तैयारी के साथ इस गांव  में पहुंची और जांच की औपचारिकता पूरी कर लौट गई.

हैरानी की बात है कि थौलधार ब्लॉक का घियाकोटी ही नही बल्कि नगुण पट्टी में पड़ने वाले 34 ग्राम पंचायतों में एक भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है.

ऐसी स्तिथि में गांव के बीमार लोग या तो स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में गांव में ही दम तोड़ देते हैं या फिर अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो जाती है. मृतकों के परिजनों ने बताया कि गांव में अचानक किसी की तबीयत खराब होती है तो यहां आसपास कहीं ऐसी सुविधा नहीं कि हम प्राथमिक उपचार करा सकें.

वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य राम सिंह ने बताया कि तत्कालीन उत्तरप्रदेश सरकार में यहां अस्पताल स्वीकृत हुआ था मगर उत्तराखंड बनने के 15 साल भी यहां की सरकार ने नगुण पट्टी में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलवाले की जहमत नहीं उठाई.
First published: June 18, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर