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बिहार: इस जिले में डीएम साहब खुद लगाते हैं क्लास, करते हैं संवाद, जानिये क्या है मकसद?

जमुई के डीएम अवनीश कुमार सिंह स्टूडेंट्स के मोटिवेशन के लिए सीधा संवाद करते हैं.

जमुई के डीएम अवनीश कुमार सिंह स्टूडेंट्स के मोटिवेशन के लिए सीधा संवाद करते हैं.

Bihar News: जमुई जिले के डीएम अवनीश कुमार सिंह बीते दिनों से जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक्सलेंस से भी बेहतर करने की कोशिश में लगे हैं. जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों खासकर छात्राओं के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं, जिसका नारा है- 'पढ़ेगा जमुई-बढ़ेगा जमुई'. जैसा कि नारा है: मतलब साफ है कि शिक्षा ही किसी जगह के विकास और उन्नति का मुख्य रास्ता है.

जमुई. शिक्षा के साथ-साथ जीवन मे भी जमुई की लड़कियां अव्वल हों, अपना नाम करें, इस कारण ‘पढ़ेगा जमुई, बढ़ेगा जमुई’ का नारा के साथ एक अनोखी पहल हो रही है. जिले के डीएम खुद स्कूलों में जाकर छात्राओं के साथ सीधा संवाद करते हुए मोटिवेट कर रहे हैं; ताकि ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियां पढ़ लिखकर काबिल बनते हुए सामाजिक बुराइयों से भी लड़ें. डीएम के इस मोटिवेशन वाली कलास से छात्राओं के हौसले बढ़ते दिख रहे हैं.

जमुई जिले के डीएम अवनीश कुमार सिंह बीते दिनों से जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक्सलेंस से भी बेहतर करने की कोशिश में लगे हैं. जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों खासकर छात्राओं के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं, जिसका नारा है- ‘पढ़ेगा जमुई-बढ़ेगा जमुई’. जैसा कि नारा है: मतलब साफ है कि शिक्षा ही किसी जगह के विकास और उन्नति का मुख्य रास्ता है. यही कारण है कि जिले के डीएम शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आये दिन किसी न किसी गर्ल्स हाई स्कूल पहुंचते हैं जहां 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ सीधा संवाद करते हैं.


दहेज मुक्त बिहार की पेंटिंग गिफ्ट

डीएम अवनीश कुमार सिंह इन छात्राओं को वैसे ट्रिक देते हैं जो पढ़ाई-लिखाई में जरूरी तो है ही आगे के करियर के लिए भी जरूरी है. मसलन पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, स्किल डेवलपमेंट के अलावा छात्र जीवन मे सामाजिक जिम्मेदारी क्या-क्या हैं. इस दौरान छात्राओं को पढ़ने-लिखने में जरूरी सामानों का किट भी दिया जाता है, जिसमें डिक्शनरी भी रहती है. खास बात है कि इन छात्राओं को दहेज मुक्त बिहार के संकल्प वाला इस पेंटिंग भी दी जाती है.

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मोटिवेट करते हैं डीएम

पढ़ेगा जमुई- बढ़ेगा जमुई अभियान के बारे में डीएम का कहना है कि प्रयास है कि जिला शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े, यहां की छात्राएं अव्वल हों. डीएम अवनीश कुमार सिंह का कहना है कि ग्रामीण इलाके में रहने वाली दसवीं और इंटर की छात्राओं को मोटिवेशन की जरूरत है. आने वाले 2 से 4 साल इनके भविष्य के लिए सबसे उपयोगी है कोशिश है कि पढ़ाई-लिखाई में अब बंद होने के साथ पर्सनालिटी और स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान दें तब किसी प्रतियोगिता में पीछे नहीं रहेंगे.

सीधा संवाद करते हैं डीएम

पढ़ने-लिखने में अव्वल होने के साथ सफल बनने के लिए अभी से ही अभियान के तहत जुट जाने के लिए डीएम छात्राओं को मोटिवेट करते हैं. अक्सर किसी न किसी दिन डीएम सरकारी स्कूलों की छात्राओं से संवाद कर वहां की पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था को समझ; जहां जरूरी है उसमें सुधार के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी को निर्देश भी देते हैं.

फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती हैं लड़कियां

डीएम के मोटिवशन वाली क्लास में गांव की सरकारी स्कूल की लड़कियां फर्राटेदार अंग्रेजी भी बोलती हैं. खैरा प्रखंड के कस्तूरबा स्कूल की छात्राओं की मानें तो डीएम की क्लास से उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला, यहां की छात्रा गीता कुमारी , बबिता कुमारी ने बताया कि पढ़ाई लिखाई कर काबिल इसलिए भी बनना चाहते हैं कि वे लोग दहेज प्रथा जैसी कुरीति को करारा जवाब दें.

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