लेटेस्ट खबरेंमनीअजब-गजबबजट 2023क्रिकेटफूडमनोरंजनवेब स्टोरीजफोटोकरियर/ जॉब्सलाइफस्टाइलहेल्थ & फिटनेसशॉर्ट वीडियोनॉलेजलेटेस्ट मोबाइलप्रदेशपॉडकास्ट दुनियाराशिNews18 Minisसाहित्य देशक्राइमLive TVकार्टून कॉर्नर#MakeADent #RestartRight #HydrationforHealth#CryptoKiSamajhCryptocurrency
होम / न्यूज / बिहार /

Kudhani by-election: उपचुनाव में किसने बिगाड़ा किसका खेल, कौन होगा कुढ़नी का किंग?

Kudhani by-election: उपचुनाव में किसने बिगाड़ा किसका खेल, कौन होगा कुढ़नी का किंग?

Kudhani assembly by-election: कुढ़नी में उप चुनाव संपन्न हो गए. जदयू और भाजपा के बीच मुख्य रूप से लड़ाई मानी जा रही है. हालांकि, दोनों ही दल छोटी पार्टियों की सेंधमारी से सहमे हुए हैं. कुढ़नी उपचुनाव में भाजपा की ओर से केदार गुप्ता, जदयू से मनोज कुशवाहा, वीआईपी से नीलाभ कुमार और एआईएमआईएम से गुलाम मुर्तजा चुनावी मैदान में हैं. मगर बड़ा सवाल यही है कि कुढ़नी का किला कौन फतह करेगा?

कुढ़नी उपचुनाव में महागठबंधन के मनोज कुशवाहा और भाजपा के केदार गुप्ता के बीच मुख्य मुकाबला.

कुढ़नी उपचुनाव में महागठबंधन के मनोज कुशवाहा और भाजपा के केदार गुप्ता के बीच मुख्य मुकाबला.

हाइलाइट्स

कुढ़नी विधान सभा उपचुनाव के लिए मतगणना आठ दिसंबर को होगी.
महागठबंधन के मनोज कुशवाहा और भाजपा के केदार गुप्ता में मुकाबला.
वीआआईपी और एआईएमआईएम के उम्मीदवार किसका बिगाड़ेंगे खेल?

मुजफ्फरपुर/पटना. कुढ़नी विधान सभा  उपचुनाव के लिए मतदान समाप्त होते ही चुनाव लड़ रही पार्टियों की तरफ से जीत हार के दावे भी शुरू हो गए हैं. इसके साथ ही कुढ़नी चुनाव ने कई ऐसे संकेत दिए हैं जो आने वाले समय में बिहार की सियासत पर असर डाल सकता है. दरअसल, माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले ये आखिरी चुनाव है जिसमें बिहार की तमाम राजनीतिक पार्टियों को अपने वोट बैंक के आकलन का मौका मिला है जिसकी तस्वीर कुढ़नी उपचुनाव परिणाम में दिख सकती है.

महागठबंधन के लिए क्या हैं मायने?- महागठबंधन ने जदयू की तरफ से मनोज कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया था जिन्हें लेकर कुढ़नी में उनके व्यवहार की वजह से मतदाताओं को मनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. यह सिलसिला पूरे चुनाव तक चला और पूरे चुनाव मनोज कुशवाहा मतदाताओं से माफी मांगते दिखे. मनोज कुशवाहा के प्रति नाराजगी के बीच महागठबंधन ने संयुक्त रूप से चुनाव प्रचार की शुरुआत की और सबसे पहले अपने कोर वोटर ‘MY’ यामी मुस्लिम यादव और लव कुश यानी कुर्मी-कोयरी वोटर को एकजुट करने की कोशिश की. चुनाव में इसका असर भी काफी हद तक दिखा भी, लेकिन ये समीकरण इतना मजबूत नहीं था कि सिर्फ इसकी बदौलत जीत मिल जाए.

महागठबंधन ने बीजेपी के कोर वोटर यानी सवर्ण में भूमिहार और राजपूत को तोड़ने की पूरी कोशिश की और इस जाति के बड़े नेताओं को कैंप भी कराया. इसका कुछ हद तक फायदा भी मिला, लेकिन उतना नहीं जितनी उम्मीद थी. भूमिहार वोट जो कुढ़नी में निर्णायक माना जाता है, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने उन्हें अपनी पार्टी के पाले में करने में पूरी ताकत झोंक दी. इसका असर ये हुआ कि बहुत तो नहीं, लेकिन भूमिहार वोट को जदयू में लाने में कुछ हद तक सफल दिखे.

आपके शहर से (पटना)

Good News: PhD में नामांकन के लिए 7 फरवरी अंतिम तारीख, जानिए पूर्णिया विवि ने क्या रखी है क्राइटेरिया

अंकित हत्याकांड: 24 घंटे के अंदर आरोपी करें सरेंडर, नहीं तो चलेगा पुलिस का 'बुलडोजर'

Bihar Board Exam 2023 : बिहार बोर्ड 12वीं की परीक्षा देने जा रहे हैं तो जान लें जरूरी बातें, हो सकती है बड़ी दिक्कत

गया में अगर लेना है राजस्थान के 56 प्रकार के पापड़ का स्वाद तो आएं यहां, जानें पूरी डिटेल 

Bihar & Jharkhand News: तमाम ख़बरें फटाफट अंदाज़ में | Top Headlines | Gaon Sheher 100 Khabar

Upendra kushwaha के काफिले पर हुआ हमला, उन्होंने News18 पर खुद किया बड़ा खुलासा | Bihar News

Hindi Debate : Nitish और Modi अब साथ आना असंभव, ऐसा क्या हुआ ? | Bihar News | Bahas Bihar Ki

Bihar का गैंग Gujarat में कर रहा बड़ा खेल!, ऐसे कर देते है Paper Leak | Gujarat Paper Leak | Vishesh

Buxar: पागल बंदर के आतंक से दहशत में ग्रामीण, 30 से अधिक लोगों को काट कर किया घायल

Upendra Kushawaha कर Media के सामने करेंगे बड़ा खुलासा, Nitish के साथ होगा बड़ा खेला! | Bihar News

Jharkhand 20-20 | Jharkhand 20 बड़ी ख़बरें फटफटा अंदाज़ में Jharkhand News | 30 January 2023


महागठबंधन को शराबबंदी की वजह से दलित वोटरों का अच्छा खासा नुकसान हुआ. सहनी वोटरों की नाराजगी भी दिखी क्योंकि राजद ने सहनी उम्मीदवार का टिकट काट जदयू को ये सीट दे दी थी. वहीं अतिपिछड़े मतदाताओं में भी बीजेपी और जदयू में बंटवारा साफ-साफ दिखा. वहीं असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने भी कुछ मुस्लिम वोट काटे, लेकिन उतन नहीं जितना गोपालगंज में झटका लगा था. जाहिर है इसका फायदा जदयू को मिल सकता है.

महागठबंधन के सामने कहां खड़ी है अकेली बीजेपी?
बीजेपी ने कुढ़नी में वैश्य समाज से आने वाले केदार गुप्ता मैदान में उतारा था जिन्होंने अपने व्यवहार से लोगों के बीच अच्छी पैठ बना रखी है. इसका फायदा उन्हें पूरे चुनाव में मिलता भी दिखा है. वहीं बीजेपी के समर्थन में सवर्ण वोटरों का बड़ा समूह जाता दिखा और वैश्य वोटर पूरी तरह एकजुट दिखा. लेकिन, बीजेपी को फायदा मिला दलित वोटरों का जिन्होंने शराबबंदी की वजह से नाराज होकर बीजेपी के समर्थन में ठीक ठाक वोट किया है.

अति पिछड़े वोटरों में भी बीजेपी ने सेंध लगाई है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी को सहनी मतदाताओं ने उतनी संख्या में वोट नहीं किया है जितनी की उम्मीद थी. मुकेश सहनी की पार्टी VIP ने सहनी वोटों का ठीक ठाक संख्या में नुकसान किया है. वहीं भूमिहार वोटों में भी कुछ नुकसान हुआ जो वीआईपी और जदयू में ठीक ठाक जाता दिखा, जो बीजेपी के लिए नुकसान वाली बात हो सकती है.

मुकेश सहनी फैक्टर का कितना असर?
मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी ने नीलाभ कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया और इस पार्टी की पूरी नजर भूमिहार और सहनी वोटरों पर थी. उम्मीद थी की इन दोनों ही वोट बैंक में वीआईपी बड़ी सेंध लगाएगी. वीआईपी ने सेंध भी लगाई, लेकिन उतनी नहीं जितनी के दावे किए जा रहे थे. दरअसल, दोनों मिलाकर लगभग सत्तर से अस्सी हजार वोट हैं, जिनमें लगभग 20 प्रतिशत के आसपास वोट काट सकती है, जो किसी का भी खेल बिगाड़ने में निर्णायक हो सकता है.

क्या वोटकटवा साबित होगी ओवैसी की पार्टी?
AIMIM ने स्थानीय गुलाम मुर्तजा अंसारी को मैदान में उतारा था जो अंसारी बिरादरी से आते हैं. MIM को उम्मीद थी की गोपालगंज वाला खेल कुढ़नी में भी करेंगे, लेकिन वो सफल होती नहीं दिखी. मुस्लिम वोटर बड़ी संख्या में महागठबंधन में जाते दिखे. MIM के उम्मीदवार ने अंसारी वोट काटा और कुछ जगहों पर अन्य मुस्लिम वर्गों के भी वोट मिले. लेकिन, वो उतने नहीं हैं जो महागठबंधन को नुकसान पहुंचा सके. यहां यह भी बता दें कि मुस्लिम वोटों में बिखराव न हो इसको लेकर महागठबंधन के मुस्लिम नेताओं ने काफी मेहनत भी की थी. हालांकि, यह भी हकीकत है कि कुढ़नी में मुकाबला बेहद कड़ा है और ऐसे में कुछ हजार वोटों का नुकसान भी महागठबंधन की उम्मीदों को झटका लगा सकता है.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|

Tags: Assembly by election, Bihar election news, Bihar politics

FIRST PUBLISHED : December 06, 2022, 10:50 IST
अधिक पढ़ें