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सासाराम में कोरोना विस्फोट, एक महीने से भी कम समय में 91 पहुंची पॉजिटिव मरीजों की संख्या

सासाराम में मिल रहे नए पॉजिटिव (Corona Positive) मामलों में ज्यादातर प्रवासी मजदूर (Migrant Labors) हैं, जिन्हें क्वॉरेंटाइन किया गया है. चेनारी में मिले 3 प्रवासी श्रमिक ही हैं. इसके अलावा नासरीगंज में भी प्रवासी श्रमिक में ही कोरोना पॉजिटिव मिलने की बात सामने आ रही है.

राज्य में संक्रमितों का आंकड़ा 35 हजार के paar

रोहतास. बिहार का रोहतास (Rohtas) जिला कोरोना का हॉट स्पॉट (Corona Hotspot) बनता जा रहा है. रविवार को एक साथ 14 पॉजिटिव मरीज (Corona Positive) मिलने के साथ ही जिले में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 91 तक पहुंच गई. इसके बाद स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से सतर्क हो गया. रविवार को मिले 14 पॉजिटिव मरीजों में पांच शिवसागर प्रखंड क्षेत्र के हैं जबकि तीन मरीज चेनारी के, चार मरीज नासरीगंज के तथा करगहर और सासाराम के एक एक व्यक्ति में  कोरोना का पॉजिटिव संक्रमण पाया गया है. जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाके में एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं.


प्रभावित इलाकों को बनाया जा रहा कंटेनमेंट जोन


नए क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा तथा जिला प्रशासन की मुस्तैदी बढ़ गई है. जैसे ही रिपोर्ट आई, प्रभावित इलाके में प्रशासनिक गतिविधि बढ़ गई. खासकर शिवसागर तथा नासरीगंज में कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है. जिन लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया है उनकी ट्रैवल हिस्ट्री तथा फैमिली चैन तैयार किया जा रहा है ताकि उनके संपर्क में आने वाले लोगों का भी सैंपल टेस्ट लिया जा सके.


प्रवासी मजदूरों में मिल रहे हैं संक्रमण के ज्यादा मामले


सासाराम में मिल रहे नए पॉजिटिव मामलों में ज्यादातर प्रवासी मजदूर हैं, जिन्हें क्वॉरेंटाइन किया गया है. चेनारी में मिले 3 प्रवासी श्रमिक ही हैं. इसके अलावा नासरीगंज में भी प्रवासी श्रमिक में ही कोरोना पॉजिटिव मिलने की बात सामने आ रही है. बता दें कि पहले भी 8 प्रवासी श्रमिकों में ही पॉजिटिव मिले थे. प्रवासियों के लगातार घर वापसी के साथ ही सासाराम में कोरोना विस्फोट हो गया है.


एनएमसीएच जमुहार में चल रहा है इलाज


पुराने पॉजिटिव मरीजों का इलाज सासाराम के डेहरी के जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है जहां से लगातार मरीज ठीक हो कर घर भी जा रहे थे. रविवार की रात तक मात्र 29 संक्रमित मरीज ही बच गए थे जिनका इलाज चल रहा था लेकिन अचानक 14 लोगों में संक्रमण पाए जाने के बाद यह आंकड़ा बढ़ गया है.


22 अप्रैल को आया था पहला मामला


बता दें कि पिछले महीने की 22 अप्रैल को एक महिला में सबसे पहले कोरोना पॉजिटिव पाया गया था जिसके बाद उसे इलाज के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया. उक्त महिला इलाज के बाद ठीक हो कर घर आ गई. लेकिन इसके साथ ही जो ट्रैवल हिस्ट्री और चैन बना. उसके तहत लगातार कई लोग संक्रमित हो गए. बाद में प्रवासी मजदूरों के आने के बाद आंकड़ा 91 तक पहुंच गया.


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