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सर्दी में हल्की गर्मी से गेहूं की फसल को खतरा! पैदावार पर पड़ा असर तो महंगा होगा अनाज

सर्दी में हल्की गर्मी से गेहूं की फसल को खतरा! पैदावार पर पड़ा असर तो महंगा होगा अनाज

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को अपने दिसंबर-फरवरी के पूर्वानुमान में कहा कि इस सर्दी में कुछ गर्माहट रहने की उम्मीद है. अगर तापमान में असामान्य और असामान्य वृद्धि हुई तो रबी की खड़ी फसलों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

मौसम विभाग ने कहा सर्दी के दिनों में आंशिक गर्मी रहने से इस साल गेहूं की पैदावर पर असर पड़ सकता है.  (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

मौसम विभाग ने कहा सर्दी के दिनों में आंशिक गर्मी रहने से इस साल गेहूं की पैदावर पर असर पड़ सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

हाइलाइट्स

उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों 'सामान्य' से 'सामान्य से ऊपर' बने रहेंगे.
मौसम का प्रभाव फसल की अवस्था पर निर्भर करेगा और अभी इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता है.
बुआई के बाद शुरुआती चरणों के दौरान गेहूं उच्च तापमान के प्रति संवेदनशील होता है.

नई दिल्ली. सर्दी के मौसम में आंशिक गर्मी रहने से इस साल गेहूं की पैदावर पर असर पड़ सकता है.भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को अपने दिसंबर-फरवरी के पूर्वानुमान में कहा कि इस सर्दी में कुछ गर्माहट रहने की उम्मीद है. हालांकि इससे उत्तर भारत की कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन अगर तापमान में असामान्य और असामान्य वृद्धि हुई तो रबी की खड़ी फसलों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. दरअसल बुआई के बाद शुरुआती चरणों के दौरान गेहूं उच्च तापमान के प्रति संवेदनशील होता है.

मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान ‘सामान्य’ से ‘सामान्य से ऊपर’ रह सकता है. इन सर्दियों के महीनों में दक्षिणी प्रायद्वीपीय और मध्य भारत में न्यूनतम और अधिकतम दोनों सामान्य से नीचे रहेंगे.

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मौसम विभाग ने दी चेतावनी

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “बड़े पैमाने पर मौसम की घटनाओं के कारण उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों ‘सामान्य’ से ‘सामान्य से ऊपर’ बने रहेंगे.”

उन्होंने कहा कि कम बादल छाए रहने और औसत से कम बारिश के होने से तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा. इससे दिन का तापमान अधिक रहेगा. उत्तर भारत की खड़ी रबी फसलों जैसे गेहूं और सरसों पर हल्की गर्म सर्दियों के प्रभाव पर महापात्र ने कहा कि प्रभाव फसल की अवस्था पर निर्भर करेगा और अभी इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता है.

पिछले साल गर्मी बढ़ने से हुआ था गेहूं को नुकसानपिछले साल, कटनी से कुछ हफ्ते पहले गर्मी में अचानक वृद्धि के कारण भारत के गेहूं के उत्पादन में भारी गिरावट आई थी. एक स्टडी में पाया गया है कि बढ़ती गर्मी और पानी की कमी के चलते गेहूं की पैदावार में काफी कमी दर्ज की गई है. इन राज्यों में प्रमुख रूप से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार शामिल रहे हैं. वैज्ञानिकों ने पाया कि औसत तापमान में बढ़ोतरी, वर्षा के साथ-साथ बदलते मौसम या रबी मौसम (नवंबर-अप्रैल) के दौरान अधिकतम तापमान में वृद्धि का सीधा असर फसल पर पड़ता है.

इन राज्यों में 1% से 8% तक गेहूं के उत्पादन में कमी आई थी. वहीं, 2021-22 के फसल वर्ष में भारत का गेहूं उत्पादन लगभग तीन प्रतिशत घटकर 106.84 मिलियन टन रहने का अनुमान है.

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Tags: Farmer, IMD forecast, Wheat crop

FIRST PUBLISHED : December 02, 2022, 17:06 IST
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