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शहरी क्षेत्रों में सब्जी बेचने वालों को बाजार शुल्क से राहत

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सब्जी व्यवसायी और घूम घूमकर सब्जी बेचने वालों को बड़ी राहत दी है.शहरी क्षेत्रों में सब्जी बेचने वालों को बाजार शुल्क नहीं देना होगा.छत्तीस प्रदेश के नगरीय प्रशासन विभाग के इस आदेश के बाद प्रदेश भर के नगरीय निकाय क्षेत्रो में दूर दराज व ग्रामीण इलाकों से आकर साग सब्जी के ठेला-पटरी लगाने वालों के चेहरे पर खुशी साफ़ देखने को मिल रही है.

News18Hindi |

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सब्जी व्यवसायी और घूम घूमकर सब्जी बेचने वालों को बड़ी राहत दी है.अब बालोद के शहरी क्षेत्रों में सब्जी बेचने वालों को बाजार शुल्क नहीं देना होगा.छत्तीस प्रदेश के नगरीय प्रशासन विभाग के इस आदेश के बाद प्रदेश भर के नगरीय निकाय क्षेत्रो में दूर दराज व ग्रामीण इलाकों से आकर साग सब्जी के ठेला-पटरी लगाने वालों के चेहरे पर खुशी साफ़ देखने को मिल रही है.खुशी न केवल इनको शुल्क माफ़ी की है बल्कि इस बात की भी है कि इन्हें साप्ताहिक बाजार में अपने साग सब्जी बेचने के दौरान बाजार के ठेकेदारों के आतंक का भी सामना करना पड़ता था, उससे छुटकारा मिला है.हर साल एक फुटकर व्यवसायी को अपने सामन बेचने के लिए ठेकेदारों को 2 से 3 हजार रूपये टैक्स देने पड़ते थे वो पैसे भी इनके बचेंगे.इससे इन गरीब तबके के लोगों की आर्थिक स्थिति में भी कुछ हद तक सुदृढ़ता आने की बात कही जा रही है.


यह आदेश एक तारीख से शहरी क्षेत्रों में लागू हो गया है.इसका सीधा लाभ सैकड़ों छोटे सब्जी किसानों को होगा.दरअसल शासन के इस आदेश से बड़े व्यापारियों को तो ज्यादा राहत नहीं है लेकिन ग्रामीण इलाकों से ऐसे छोटे छोटे किसान जो थोड़े मात्रा में अपने खेतों में लगाए सब्जी को बाजार लाते थे लेकिन कभी-कभी इन्हें अपने कमाई से ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ जाता था, उनको राहत मिलेगी.कभी-कभी शुल्क के पैसे ना होने पर ठेकेदारों के आतंक को भी सहना पड़ता था.इसके बाद अब सब्जी के दामों में भी थोड़ी कमी आएगी क्योंकि विक्रेताओं को पसरा के हिसाब से बाजार शुल्क देना होता था.यह शुल्क व्यवसायी सब्जी पर जोड़ देते थे. बाजार शुल्क समाप्त हो जाने के बाद छोटे सब्जी किसानों के महीने में 200-300 रुपयों की बचत होगी.