गौशाला की गायों से परेशान ग्रामीणों ने कलक्टर से की शिकायत

मुंगेली जिले के पंडरभट्टा गांव में संचालित गौशाला का विरोध करने बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे.ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला संचालक गायों की सेवा के बदले गौशाला को ऐशगाह बना लिया है.गायों को लोग लाते हैं लेकिन गायों को गौशाला में न लेकर बाहर ही छोड़ दिया जाता है. यह गाय किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाती हैं जिससे किसान बहुत परेशान हैं.

news18 hindi , News18 Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के पंडरभट्टा गांव में संचालित गौशाला का विरोध करने बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे.ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला संचालक गायों की सेवा के बदले गौशाला को ऐशगाह बना लिया है.गायों को लोग लाते हैं लेकिन गायों को गौशाला में न लेकर बाहर ही छोड़ दिया जाता है. यह गाय किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाती हैं जिससे किसान बहुत परेशान हैं. किसानों का यह भी आरोप है कि किसी गाय की मौत के बाद संचालक बाहर सड़क पर ही मृत गाय को सड़ता छोड़ देते हैं. उनके कहने पर भी गाय को कहीं उठा कर नहीं दबाया जाता. मजबूरीवश ग्रामीणों को उनको ठिकाने लगवाना पड़ता है.वहीं इस मामले पर कलेक्टर डोमन सिंह ने बताया कि ग्रामीण और गौशाला संचालक दोनों पक्ष आए थे. मामले के निराकरण के लिए अधिकारी नियुक्त किया गया है जो दोनों पक्षों की समस्या सुनकर मामले का हल निकालेंगे.ग्रामीणों का कहना है गौसेवा के उद्देश्य से पूर्व विधायक फूलचंद जैन ने यह गौशाला शुरू किया था लेकिन उनके निधन के बाद से गौशाला की स्थिति बदतर हो गई है. जिस अंदाज से इसका संचालन किया जा रहा है, उससे तो इसका बंद हो जाना ही उचित होगा.

Trending Now