IAS से भाजपा नेता बने ओपी चौधरी की AAP ने बढ़ाई मुसीबतें

आईएएस की नौकरी छोड़कर भाजपा नेता बने ओपी चौधरी के लिए आम आदमी पार्टी ने मुसीबतें खड़ी कर दी हैं.

Raghwendra Sahu , News18 Chhattisgarh
आईएएस की नौकरी छोड़कर भाजपा नेता बने ओपी चौधरी के लिए आम आदमी पार्टी ने मुसीबतें खड़ी कर दी हैं. आप ने 14 सितंबर को प्रेस क्लब में दंतेवाड़ा में जमीन घोटाले को लेकर लगाए गए आरोप पर खुली बहस का आमंत्रण दे दिया है. आप के इस आमंत्रण पर ओपी चौधरी की ओर से कोई बयान नहीं आया है. हालांकि भाजपा के प्रवक्ता जरूर ओपी चौधरी के बचाव में उतर गए हैं.आम आदमी पार्टी ने भाजपा के नए नेता पर आरोप लगाया है कि साल 2011 में दंतेवाड़ा कलेक्टर रहते हुए ओपी चौधरी ने कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए खेती की जमीन के बदले में बस स्टैंड में बेशकीमती जमीन आबंटित की थी. ये आबंटन सांठगांठ द्वारा किया गया था. इस मामले को लेकर कुछ लोगों ने हाई कोर्ट में पीआईएल दाखिल किया था, जिसके बाद कोर्ट ने इस पर सुनवाई की और 15 सितंबर 2016 को ऑर्डर दिया कि कलेक्टर को कृषि योग्य भूमि को कमर्शियल भूमि से अगला बदली करने का अधिकार नहीं है, यह जो काम किया वह कानून सम्मत नहीं है. इसे निरस्त किया जाता है. इसके बाद कोर्ट ने तत्कालीन कलेक्टर पर 1 लाख का जुर्माना लगाया.आप के इन आरोपों को नकारते हुए ओपी चौधरी ने आम आदमी पार्टी को बहस की चुनौती दी थी, जिसे आप के संयोजक संकेत ठाकुर ने स्वीकारते हुए 14 सितंबर को प्रेस क्लब में ओपी चौधरी को बहस के लिए आमंत्रित किया है, लेकिन ओपी चौधरी द्वारा अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है. वहीं आम आदमी पार्टी के इस चुनौती स्वीकार लेने के बाद अब भाजपा पार्टी की ओर से बहस पर तो कोई हामी नहीं भरी जा रही है, लेकिन भाजपा के प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि आप और कांग्रेस अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं.

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