Home / News / chhattisgarh /

pati patni have to do gobar chowkidari in naxal affected bijapur complaint to bhupesh baghel cgnt

पति-पत्नी को नक्सल प्रभावित इलाके में करनी पड़ रही गोबर की चौकीदारी, मुख्यमंत्री से हुई शिकायत

छत्तीसगढ़ में गोबर चोरी और उसकी चौकीदारी की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है.

छत्तीसगढ़ में गोबर चोरी और उसकी चौकीदारी की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है.

गोबर की चौकीदारी, ये सुनने में अटपटा जरूर लगेगा लेकिन ये सच है. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर में पति-पत्नी को गोबर की चौकीदारी करनी पड़ रही है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से दंपत्ति ने दिलचस्प शिकायत की है. बीजापुर के किसान मंटूराम ने मुख्यमंत्री को बताया कि पत्नी संग रातभर गोबर की चौकीदारी करता हूं.

रायपुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के कुटरू में रहने वाले किसान मंटू राम कश्यप गोबर की चौकीदारी करते हैं. ये बात मंटूराम ने स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बतायी. मौका था बीजापुर जिले के कुटरू में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम का. मुख्यमंत्री को मंटूराम ने बताया कि मैं रात में टॉर्च लगा कर गोबर की चौकीदारी करता हूं और इस काम मे मेरी पत्नी भी मेरा साथ देती हैं. उन्होंने बताया कि वे छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचते हैं.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मंटूराम ने बताया कि अब तक उन्होंने लगभग 14 हजार किलो गोबर करीब 28 हजार रुपये में बेचा है. बकौल मंटूराम पहले गोबर को कोई नहीं पूछता था, लेकिन अब हर किसी की नजर गोबर पर लगी रहती है. कुछ दिन पहले उनके इकठ्ठे किये गोबर को गांव के कुछ लोग उठा ले गए थे. इसके बाद उन्होंने तय किया कि पत्नी के साथ रात में गोबर की निगरानी करेंगे.


पत्नी के साथ शिफ्ट में चौकीदारी
मंटूराम गोबर की चौकीदारी रातभर करते हैं । उनके इस काम मे उनकी पत्नी भी साथ देती हैं. वे कहते हैं कि रातभर जागना संभव नहीं है. इसलिए वे और उनकी पत्नी दो शिफ्ट में गोबर की देखरेख करते हैं.रात में कुछ देर मैं फिर मेरी पत्नी टॉर्च लेकर गोबर की निगरानी करते हैं. मंटूराम बताते हैं कि रात में टॉर्च लेकर वे कई बार देखने जाते हैं कि गोबर कोई ले तो नहीं गया. वे कहते हैं कि जब से गोबर की कीमत मिलने लगी है, तब से गोबर सहेजकर रखना पड़ता है. एक दिन इकठ्टा किया हुआ गोबर कुछ लोग चुपचाप उठा ले गए. इसके बाद से गोबर की निगरानी करने लगा.

आपके शहर से (रायपुर)

मैं लड़का था, फिर भी 8 साल की उम्र से ही मुझे सब छमिया कहते थे, पढ़ें- कहानी जेंडर बदलवाने वालों की

सरकार द्वारा छापी गई किताबों के कंटेंट पर निजी स्कूलों ने उठाया सवाल, कहा- इससे बेहतर तो...

बीजेपी नेता की बेरहमी से हत्या, खेत में पड़ा मिला शव, 12 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ

पेड़ के पत्ते बेचकर एक साल में 630 करोड़ रुपयों की हुई कमाई, 12 लाख लोगों को मिला 'रोजगार'

गांजे से बना डाली बिजली, छत्तीसगढ़ में पहली बार हुआ यह कारनामा, जानें यह अनोखी प्रक्रिया

नाबालिग लड़की का अपहरण कर पड़ोसी जिले ले गया, वहां किराए के मकान में रख किया रेप

पंचायत सचिव ने पत्नी से की क्रूरता, अंगों में मिले सुई चुभाने के निशान, धारा 377 के तहत जुर्म दर्ज

छत्तीसगढ़ की श्रद्धा शुक्ला बनेंगी आईएएस, यूपीएससी में मिली 45वीं रैंक, इंटरव्यू में गाया था- अरपा पैरी के धार...

अनोखा रिवाजः पुरखों की याद में उनकी समाधियों पर बनाया जीप-कार और ट्रक, नहीं देखी होगी ऐसी श्रद्धांजलि

सिविल जज के घर में फन फैलाये बैठा था जहरीला नाग, सामने खेल रहा था डेढ़ साल का बच्चा, फिर...

CGPSC Sarkari Naukri 2022: हेल्थ विभाग में इन पदों पर आवेदन करने के बचे हैं चंद दिन, जल्द करें अप्लाई, 1.77 लाख होगी सैलरी


गोधन न्याय योजना से मिले रुपयों से रिपेयर कराया मकान
मंटुराम कश्यप ने बताया कि उनके पास 15 गाय- भैंसे हैं. अब तक गोधन न्याय योजना से गोबर बेचकर करीब 28 हजार रुपये मिले हैं. उन्होंने बताया कि उनके मकान से पानी टपकता था. जिसे बहुत दिन से रिपेयर कराना चाहते थे. गोबर बेचकर मिले पैसे से उन्होंने मकान रिपेयर करा लिया है. मकान में प्लास्टर भी करा लिया है. अब छत से पानी टपकने की समस्या भी खत्म हो गयी है.

Tags:Chhattisgarh news, Raipur news