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'केंद्र सरकार ने सरदार सिंह को सम्मान देकर हॉकी प्रेमियों का दिल जीत लिया'

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदारा सिंह को राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड मिलने की घोषणा ने गांव संत नगर में जश्न का माहौल बना दिया. सरदारा सिंह के परिवार को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. कोच से लेकर परिजन तक खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं.

सरदार सिंह

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह को राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड मिलने की घोषणा ने गांव संत नगर में जश्न का माहौल बना दिया. सरदार सिंह के परिवार को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. कोच से लेकर परिजन तक खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं.


खासकर हॉकी प्रेमी भी अपने रोल मॉडल को खेलों को सबसे बड़ा सम्मान मिलने पर खुशी जता रहे हैं. उल्लेखनीय है कि पूर्व कप्तान सरदारा सिंह सिरसा जिले के रानियां खंड के गांव संत नगर के रहने वाले हैं. उनका पूरा परिवार गांव में ही रहता है.


फिलहाल सरदारा सिंह बंगलुरू में चल रहे शिविर में भाग ले रहे हैं. सरदार सिंह को खेल रत्न अवार्ड के तहत एक पदक, एक प्रशस्ति पत्र और साढ़े सात लाख रुपये मिलेंगे.




इससे पहले भारत सरकार की ओर से सरदारा सिंह को पदमश्री और अर्जुन अवार्ड दिया जा चुका है. हरियाणा सरकार ने भी उन्हें प्रदेश के सर्वाेच्च खेल अवार्ड भीम पदक से सम्मानित किया था. फिलहाल सरदारा सिंह हरियाणा पुलिस में डीएसपी भी है जिनकी पोस्टिंग फिलहाल हरियाणा के करनाल में है.


सरदारा सिंह की माता जसवीर कौर ने बताया कि सरदारा सिंह को यह अवार्ड मिलने से ग्रामीण युवाओं में हॉकी के प्रति रुझान बढ़ेगा. उन्हेांने कहा कि सरदार सिंह ने देश, प्रदेश व सिरसा जिला का नाम रोशन किया है. जसवीर कौर को उम्मीद है कि सरदार सिंह को भारत रत्न अवार्ड भी जल्द मिलेगा.


सरदारा सिंह के पिता गुरनाम सिंह ने बताया कि जैसे ही उन्हें बेटे को अवार्ड मिलने की सूचना मिली तो वे खुशी से झूम उठे. गुरनाम सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार ने उनके बेटे को यह सम्मान देकर हॉकी प्रेमियों का दिल जीत लिया है. वे सरकार के आभारी हैं. यह अवार्ड निश्चित तौर पर उनके बेटे का मनोबल और ज्यादा बढ़ाएगा. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि ओलपिंक में उनका बेटा सरदारा सिंह का अच्छा प्रदर्शन रहे.