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पांवटा साहिब में नशे के खिलाफ मुहिम बेअसर, ओवरडोज ले रहा है युवकों की जान

हिमाचल प्रदेश में पांवटा साहिब में नशा युवाओं की जान पर भारी पड़ रहा है. नशे की लत और ओवरडोज़ मौत का कारण बनता जा रहा है.

News18Hindi |

हिमाचल प्रदेश में पांवटा साहिब में नशा युवाओं की जान पर भारी पड़ रहा है. नशे की लत और ओवरडोज़ मौत का कारण बनता जा रहा है. लेकिन, अभी तक युवाओं को नशे से बचाने के लिए न तो प्रशासन द्वारा कोई जागरूकता फैलाई जा रही है और न ही सामाजिक संगठन इस तरफ ध्यान दे रहे हैं, कारणवश युवा नशे की चपेट में फंस चुके है और अपनी जान गँवा रहे है.


भले ही नशे को खत्म करने के लिए प्रदेश व जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और पुलिस भी नशे को लेकर मुस्तैदी दिखा रही है. पांवटा साहिब में इसके नतीजे उलट है, यहां नशे की ओवरडोज से या नशे की लत से परेशान युवक लगातार मौत का ग्रास बनते जा रहे हैं.


ताजा मामला पांवटा साहिब के वार्ड नंबर 9 में पेश आया है. यहां एक नामी दवा कंपनी में काम करने वाले जितेंद्र का शव बरामद हुआ. शव के पास एक सीरिंज और एक प्रतिबंधित दवाई की शीशी पड़ी मिली. बताया जा रहा है कि युवक पिछले कुछ अरसे से केमिकल नशा कर रहा था और शायद इसी प्रतिबंधित दवा की ओवरडोज से इसकी मौत हुई है. लोगों ने जब शव को देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवा लिया है और शव परिजनों को सौंप दिया है.


सिरमौर के एसपी रोहित मालपानी ने कहा कि पुलिस नशे पर नकेल कसने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.


पुलिस तो दावे कर रही है कि नशाखोरी पर नकेल कसी जा रही है लेकिन जिस तरह से एक के बाद एक युवक नशे के कारण मौत के मुंह में जा रहे हैं उससे क्षेत्र में नशाखोरी की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. पिछले महीने भी पांवटा शहर में एक युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई थी जबकि दो युवकों ने नशे की पूर्ति ना होने की वजह से मौत को गले लगा लिया था. इतना ही नहीं दर्जनों युवाओं की मौत बीते वर्ष नशे के कारण हो चुकी है.