जिंदान हत्याकांड: एसआईटी ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया

केदार सिंह ने 2007, 2012 और 2017 में शिलाई सीट से चुनाव भी लड़े थे. पिछड़े नेताओं में केदार सिंह उनके हितैषी नेता के रूप में विख्यात थे. केदार सिंह पर पहले भी 5 बार हमले हो चुके थे.

Rajesh Kumar , News18 Himachal Pradesh
बसपा नेता और आरटीआई कार्यकर्ता केदार सिंह जिंदान मर्डर केस में पुलिस ने एक और आरोपी कर्म सिंह उर्फ काकू को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी कर्म सिंह जिंदान की हत्या में शामिल था. जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों ने पहले केदार सिंह को लाठी डंडों से पीटा, फिर उसे गाड़ी के नीचे कुचल दिया, जिससे केदार सिंह की मौके पर ही मौत हो थी.4 दिन की कड़ी मशक्कत में केदार सिंह जिंदान हत्याकांड में गठित एसआईटी ने लगभग पूरा मामला सुलझा लिया है. अब तक की जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड में उप प्रधान जयप्रकाश सहित गोपाल सिंह और कर्म सिंह सम्मलित थे.4 दिन की गहन जांच दर्जनों गवाहों के बयान और एक चश्मदीद के न्यायालय में दिए बयान के आधार पर खुलासा हुआ है कि तीनों आरोपियों ने केदार सिंह जिंदान को पहले सड़क में बुलाया, वहां उसकी लाठी डंडों से पिटाई की और फिर उसे सड़क पर लिटा कर उस पर दो या तीन बार गाड़ी चढ़ाई. गाड़ी के नीचे कुचलने से केदार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी.उप-प्रधान और एक अन्य हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने वारदात वाले दिन 7 सितंबर को ही उप-प्रधान और गोपाल सिंह को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था. इन दोनों के साथ कुछ और लोगों के शामिल होने की बात लगातार सामने आ रही थी. उधर, जांच में यह पता चला कि कर्म सिंह ने भी पिटाई और गाड़ी के नीचे कुचलने में आरोपी उप-प्रधान और उसके साथी की सहायता की थी.पुरानी रंजिश के चलते हत्या
एसआईटी की जांच में एक अहम खुलासा यह हुआ है कि केदार सिंह की हत्या के पीछे कोई जातिगत कारण नहीं थे, बल्कि पुरानी रंजिश हत्याकांड की वजह बनी. दरअसल, आरटीआई एक्टिविस्ट केदार सिंह जिंदान ने बकवास पंचायत में BPL सूची को लेकर कुछ खुलासे किए थे. केदार सिंह जिंदान ने इस संबंध में शिमला में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. हत्याकांड के पीछे इस खुलासे को बड़ी वजह माना जा रहा है.ये है मामला
7 सितंबर को बकरास गांव के समीप केदार सिंह जिंदान की निर्मम हत्या कर दी गई थी. शुरुआती दौर में हत्या को सड़क दुर्घटना दर्शाने का प्रयास किया गया। लेकिन मौके पर पुलिस को मिले साक्ष्यों के आधार पर इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज किया गया था और उसी दिन उपप्रधान जयप्रकाश सहित उसके एक साथी को गिरफ्तार भी कर लिया गया था. इस समूचे मामले में राजधानी शिमला में सीपीआईएम, बसपा सहित कई संगठनों ने जमकर हंगामा किया था.एसआईटी कर रही जांच
केदार सिंह के परिजनों ने इस मामले में लगभग आधा दर्जन लोगों की संलिप्तता की बात कही थी. साथ ही मामले की जांच किसी अन्य जांच एजेंसी से करवाने की भी मांग उठी थी. इस मामले में गठित एसआईटी के मुखिया एएसपी सिरमौर वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और मामले के अन्य पहलुओं की अभी जांच जारी है.कौन हैं जिंदान
केदार सिंह जिंदान पिछड़ी जातियों पर अत्याचार को लेकर आवाज उठाते थे और ऐसे मामलों को न्यायालयों तक भी ले कर जाते थे. गौरतलब यह है कि केदार सिंह ने 2007, 2012 और 2017 में शिलाई सीट से चुनाव भी लड़े थे. पिछड़े नेताओं में केदार सिंह उनके हितैषी नेता के रूप में विख्यात थे. केदार सिंह पर पहले भी 5 बार हमले हो चुके थे.

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