अंतर्राष्ट्रीय वीरांगना सम्मान समारोह का मुख्य आकर्षण रहीं पूर्व दस्यु सुंदरी सीमा परिहार

जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित माईकल जॉन ऑडिटोरियम में पांचवें अंतर्राष्ट्रीय वीरांगना सम्मान समारोह का आयोजन किया गया.वैसे इस कार्यक्रम में देश विदेश की वीरांगनाओं ने हिस्सा लिया लेकिन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण का केंद्र पूर्व दस्यु सुंदरी सीमा परिहार रहीं.

Ranjeet Ojha , News18 Jharkhand
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित माईकल जॉन ऑडिटोरियम में पांचवें अंतर्राष्ट्रीय वीरांगना सम्मान समारोह का आयोजन किया गया.वैसे इस कार्यक्रम में देश विदेश की वीरांगनाओं ने हिस्सा लिया लेकिन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण का केंद्र पूर्व दस्यु सुंदरी सीमा परिहार रहीं. कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली हर समाज की महिलाओं को सम्मानित किया गया.कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' पर आधारित था.इस कार्यक्रम में भारत के अलावा नेपाल और भुटान की वीरांगनाओं ने भी शिरकत की. कार्यक्रम से पूर्व स्वास्ति वंदन और बेटियों पर आधारित लोकगीत भी प्रस्तुत किए गए.कभी माथे पर काला टीका,सिर पर लाल पट्टी, हाथ में दुनाला बंदूक और बदन पर बागी वर्दी. इस रूप के साथ दो कोमल हाथों ने जब बंदूक थामी तो 6 लाख एकड़ में फैले इलाके में दहशत फैल गई. चंबल के बड़े-बड़े डाकू सरगना उसके बागी तेवरों की आग में पिघलते नजर आए.बीहड़ पट्टी से लेकर पूरे चंबल के चप्पे-चप्पे तक उसके नाम मात्र से ही अच्छे-अच्छों की हवा ढीली हो जाती.70 मर्डर- 200 अपहरण के साथ 13 साल की उम्र में डाकू बनी सीमा परिहार अब बदल चुकी हैं.मंगलवार को सीमा परिहार का एक अलग ही रूप देखने को मिला जिनको जमशेदपुर के माइकल जॉन ऑडिटोरियम में पांचवां अंतर्राष्ट्रीय वीरांगना सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया. साथ ही साथ कई महिलाएं को सीमा परिहार ने खुद सम्मानित किया.इस पूरे कार्यक्रम के तहत हमने देखा कि कई लोग सीमा परिहार के साथ सेल्फी लेते हुए नजर आए.सीमा परिहार जो कभी बंदूक से खेला करती थी आज उनके हाथ में मोबाइल नजर आया.वह काफी खुश नजर आ रही थीं.

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