बारिश के 4 माह तक टापू में तब्दील हो जाता है ये गांव

पलामू जिला मुख्यालय से महज 16 किलोमीटर की दूरी पर बसा करीब 250 घर की आबादी वाले चैनपुर प्रखंड के सगरदीनवा गांव में आज तक विकास का कोई काम नहीं हुआ है.

Neelkamal , News18 Jharkhand
झारखंड में पलामू का एक ऐसा गांव है जो आजादी के 70 साल बाद भी विकास से कोसों दूर है. बता दें कि गांव में सड़कें नदारद हैं और तो और बिजली-पानी-स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं है. ग्रामीणों की मानें तो बारिश के 4 माह तक गांव टापू में तब्दील हो जाता है. दरअसल, जिला मुख्यालय से महज 16 किलोमीटर की दूरी पर बसा करीब 250 घर की आबादी वाले चैनपुर प्रखंड के सगरदीनवा गांव में आज तक विकास का कोई काम नहीं हुआ है. बारिश के 4 महीने तक जान जोखिम में डालकर लोग नदी पार करने को मजबूर रहते हैं. ऐसे में क्या बूढ़े, क्या बच्चे और क्या महिलाएं सभी को इसी तरह बारिश के दिनों में नदी पार करनी पड़ती है.ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहाव वाले इस नदी में अब तक कई ग्रामीणों की जान भी चली गई है. ग्रामीणों ने कहा कि वे कई दशकों से नदी पर पुल बनवाले की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. अब गांव के ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति गुस्सा फूटने लगा है. ग्रामीणों का कहना है कि आज तक इस गांव में कोई विकास का काम नहीं हुआ है. आज वे जिल्लत भरी जिंदगी बिताने को मजबूर हैं.ग्रामीणों की मानें तो गांव में जब कोई बीमार पड़ता है तो लोग किसी तरह खाट का सहारा लेकर मरीज को चैनपुर अस्पताल पहुंचाते हैं. वहीं इससे सबसे ज्यादा इस गांव के बच्चे प्रभावित हो रहे हैं. नदी में पानी बढ़ जाने से वे स्कूल भी नहीं जा पाते हैं. इससे बच्चों की शिक्षा पूरी तरह से प्रभावित हो रही है, ऊपर से क्लास में अलग से डांट भी सुननी पड़ती है.

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