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12 एकड़ के आश्रम में BMW और मर्सिडीज भी रखता था रामपाल

12 एकड़ के आश्रम में BMW और मर्सिडीज भी रखता था रामपाल

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

आश्रम में मौजूद पांच मंजिला घर में 25 मीटर लंबा स्विमिंग पूल और 24 एयरकंडीशन कमरे, मसाज बेड, कमरों में LED टीवी और जिम इक्विपमेंट भी मिले थे.

हरियाणा के हिसार के सतलोक आश्रम का संचालक बाबा रामपाल सजा के बाद सुर्खियों में है. रामपाल का धार्मिक साम्राज्य सैकड़ों करोड़ रुपए का था. उसके पास आलीशान सुविधाएं और कई लग्जरी कारें थीं.

रामपाल के 'सतगुरु रामपाल जी महाराज' नाम के डेरे की कीमत करीब 100 करोड़ आंकी गई है. ऐसा लगता है कि इस आश्रम में सुविधाओं के लिए जमकर पैसा बहाया गया है.

आश्रम में मौजूद पांच मंजिला घर में 25 मीटर लंबा स्विमिंग पूल और 24 एयरकंडीशन कमरे, मसाज बेड, कमरों में LED टीवी और जिम इक्विपमेंट थे.

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लग्जरी कारें

रामपाल के पास लग्जरी कारें थी, जिसमें BMWs और मर्सिडीज भी शामिल थीं. बता दें कि मर्सिडीज बेन्ज़ S-Class की कीमत भारत में 1.33 करोड़ है.

5 स्टार होटल जैसा आश्रम

रामपाल का आश्रम करीब 12 एकड़ में फैला था. आश्रम में सुविधाएं 5 स्टार होटल सी थी. जिस आलीशान आसन पर वह बैठता था. उसमें हाइड्रोलिक कुर्सी थी, जिसके जरिये वो एक जगह से दूसरी जगह निकल आता था. ये कुर्सी बुलट प्रूफ केबिन में फिक्स थी. हाइड्रोलिक कुर्सी की कीमत लगभग 12 लाख तक है.

आश्रम में किंग साइज बाथरूम भी था. वहां अस्पताल और उसमें ऑपरेशन थियेटर भी था.रामपाल ने कमांडो सेना भी बना रखी थी. जिनके पास पेट्रोल बम भी थे. आश्रम में वह असलहा धारियों की सुरक्षा में रहता था. प्रवचन के दौरान उसके इर्द-गिर्द बंदूक धारी सुरक्षा में रहते थे.

आश्रम से मिली थी करोड़ों की सामग्री

2014 में रामपाल की गिरफ्तारी के बाद सतलोक आश्रम में चले सर्च में पुलिस को करोड़ों रुपए की खाद्य सामग्री मिली थी. जिसमें दो तिजोरियां ऐसी थीं, जिनमें 32 bore रिवोलवर्स, 315 bore राइफल्स और 12 बंदूकें शामिल थीं. पुलिस ने गोलाबारूद समेत कुछ इस्तेमाल की गई सेल्फ लोडिंग राइफलों (SLR) समेत कुल  303 राइफलें पाई थीं. जिसमें ज्यादातर हथियार बैग में भरकर, अलमारियों में गुप्त कमरों में रखे थे.

आश्रम के बीचो-बीच जिस एलेवेटेड स्टर्कचर पर वो बैठता था, उसमें ऐसा ammunition था, जिससे कोई भी उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाता था. हर सुविधा से संपन्न सत्संग हॉल में 50 हजार लोगों के बैठने की सुविधा थी. सत्संग हॉल में 3D प्रोजेक्शन सुविधा भी थी.

आश्रम में एक माडर्न रसोई थी, जिसमें एक महीने में लगभग एक लाख लोगों का खाना बनता था. जिसमें मौजूद इलेक्ट्रिक रोटी मशीन पर एक बार में एक हजार रोटियां पकती थी.

मध्य प्रदेश में भी बनना था 70 एकड़ जमीन पर आश्रम

सतलोक आश्रम पर छापा मारने पर वहां की सुविधाएं देखकर पुलिस की आंखें चौंधिया गईं थी. इसी दौरान बाबा ने कहा था हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और दिल्ली में उसके 25 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. उसने मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में जायदाद होने की बात भी कबूली थी. रामपाल का मध्य प्रदेश के बेतुल जिले में भी आश्रम बनाने प्लान था. जो कि लगभग 70 एकड़ जमीन पर पूरी लग्जरी सुविधाओं के साथ बनना था.

रामपाल की तरफ से थी अलग धर्म की मांग

रामपाल अपना अगल धर्म बनाना चाहता था. इसके लिए उसके कबीरपंथी अनुयायियों ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र भी लिखा था और उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा देने की मांग की थी. इस पत्र को निरस्त करते हुए जवाब दिया गया था कि कबीरपंथी कोई अलग धर्म नहीं है और इसका अनुयायी कोई भी हो सकता है.

रामपाल का परिवार 

रामपाल के परिवार में उसकी पत्नी नारो देवी और दो बेटा और बेटियां हैं. सभी विवाहित हैं. फैसला आने से चार पांच दिन पहले रामपाल से मुलाकात करने के लिए उसकी बेटी अंजू, भतीजा अमित, दोषी बेटे वीरेंद्र की बहू शीला और पोती हिसार की जेल में पहुंचे. एक-एक करके सभी ने टेलीफोन के माध्यम से रामपाल का हालचाल जाना.

जेल में गुमसुम

सूत्रों के मुताबिक जेल में रामपाल गुमसुम बैठा रहता है. किसी से ज्यादा बातें नहीं करता है. कभी जेल की सलाखों तो कभी दीवारों को देखता है.

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Tags:Baba rampal, Haryana news, Sant Rampal, Supreme Court