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रामपाल के सतलोक आश्रम में होता था प्राइवेट स्विमिंग पूल और आर्मी

रामपाल के सतलोक आश्रम में होता था प्राइवेट स्विमिंग पूल और आर्मी

रामपाल एक जमाने में जूनियर इंजीनियर था

रामपाल एक जमाने में जूनियर इंजीनियर था

सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को चार महिलाओं और एक बच्चे की हत्या के मामले में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को चार महिलाओं और एक बच्चे की हत्या के मामले में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. केस नंबर 429 (चार महिलाओं और एक बच्चे की हत्या) में रामपाल को ये सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही कोर्ट ने रामपाल पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले के अन्य 14 आरोपियों को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.

बता दें कि नवंबर 2014 में सतलोक आश्रम में पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच टकराव हुआ था. इस दौरान 5 महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी. इसके बाद आश्रम संचालक रामपाल पर हत्या के दो मामले दर्ज किए गए थे. केस नंबर-429 (4 महिलाओं व एक बच्चे की मौत) में रामपाल सहित कुल 15 आरोपी थे.

रामपाल की सारी काली करतूतों का गवाह उसका सतलोक आश्रम था, जो बरवाला, हिसार में है. इस आश्रम की सुविधाएं किसी 5 स्टार होटल से कम नहीं थी. इसमें रामपाल के बहुमंजिला घर सहित कई इमारतें थीं. यहां भक्तों का रेला लगा रहता था.

रामपाल इसमें आलीशान आसन पर बैठकर सामने स्क्रीन पर पढ़कर अपना प्रवचन देता था. साथ ही बड़ी सी स्क्रीन पर उसका प्रवचन चलता था. इसी आश्रम में स्थित रामपाल के बहुमंजिला घर में एक प्राइवेट स्विमिंग पूल भी था. रामपाल ने एक किंग साइज बाथरुम भी अपने आश्रम में बना रखा था.

आश्रम में एक अस्पताल भी था. जिसमें ऑपरेशन थियेटर भी था. रामपाल की गिरफ्तारी के वक्त इससे खून में भीगी रूई बड़ी मात्रा में मिली थी. रामपाल ने बार-बार पुलिस की धमकी से बचने के लिए अपनी कमांडो सेना भी बना रखी थी. पुलिस से भिड़ने के लिए उनके पास पेट्रोल बम भी थे.

रामपाल के आश्रम में असलहा धारियों की सुरक्षा में रहता था. सत्संग भवन में भी प्रवचन के दौरान उसके इर्द-गिर्द बंदूक धारी सुरक्षा में जुटे रहते थे. यही पुलिस से भिड़े थे लेकिन सतलोक आश्रम कांड के बाद अभी तक न तो वे हथियार मिले और न ही सुरक्षाकर्मी.

अपने भक्तों को पुलिस और सरकार के खिलाफ भड़काकर रखता था

सतलोक आश्रम में सत्संग के दौरान रामपाल खुद को मदमस्त हाथी बताता था. अगर कोई उसके खिलाफ जाता तो उन्हें भौंकने वाला कहता था. वह कहता था कि परमात्मा से कुछ नहीं छुपा. गलत काम करोगे तो सजा मिलेगी. सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल ने करौंथा कांड पर एक लघु फिल्म बनवाई थी. इस फिल्म का नाम था "करौंथा कांड का सच". यह वर्ष 2006 में करौंथा स्थित आश्रम के बाहर हुई हिंसक घटना पर आधारित थी.

इसमें शासन-प्रशासन, जनता और सामाजिक संगठनों के खिलाफ भड़काया गया था. यह फिल्म समर्थकों को दिखाई जाती थी. समर्थकों को इस कदर भड़काया जाता था कि वे रामपाल और आश्रम के खिलाफ एक शब्द भी सुनने को तैयार नहीं होते थे.

अलग धर्म बनाना चाहता था रामपाल

रामपाल अपना अगल धर्म बनाना चाहता था. इसके लिए उसके कबीरपंथी अनुयायियों ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र भी लिखा था और उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा देने की मांग की थी. इस पत्र को निरस्त करते हुए जवाब दिया गया था कि कबीरपंथी कोई अलग धर्म नहीं है और इसका अनुयायी कोई भी हो सकता है.

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Tags:Baba rampal, Hisar news, Murder, Sant Rampal