भूत-प्रेत के सहारे सीरियल किलर से राज उगलवाने की कोशिश में जुटी पुलिस

मध्य प्रदेश के भोपाल पुलिस ने भूत और आत्माओं के जरिए एक जटिल हत्याओं का केस को सुलझाया है. मध्य प्रदेश सहित राज्य राज्यों छत्तीसगढ़, उड़ीसा और महाराष्ट्र में ट्रक चालकों और क्लीनरों की हत्याएं हो रही थीं.

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की पुलिस केस सुलझाने में भूत और आत्माओं का सहारा ले रही है. दरअसल पिछले 8 सालों में मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों में ट्रक चालकों और क्लीनरों की हत्या का मामला सामने आया है. अब तक 33 ट्रक चालकों और क्लीनरों की हत्या के मामले सामने आ चुके हैं. राज्य की पुलिस इस केस को हल करने के लिए अंतरराज्यीय ट्रक लुटेरे गिरोह के सरगना आदेश खामरा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.पुलिस के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस खामरा से हत्याओं का राज जानने के लिए भूतों और मारे गए लोगों की आत्माओं का भय दिखा रही है. पुलिस की यह तरकीब काम भी कर रही है. खामरा ने कई हत्याओं के मामलों से राजफास किया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि और कई तरीके असफल होने के बाद ही पुलिस ने यह तरीका अपना. यह भी पढ़े: कांग्रेस में टिकटों का खेल शुरू, सिंधिया-कमलनाथ के बीच 'पावर जंगपुलिस ने खामरा से कहा कि जो तूने अपराध किए हैं उसकी सजा तुम्हारे बेटे को मिल रही है. उसने जो बेकसूर लोगों की हत्याएं की हैं, उनकी आत्मा उसके खिलाफ होकर उसके बेटे का मारने का प्रयास कर रही हैं. इसीलिए उसका एक महीने के अंदर दो बार एक्सीडेंट हो चुका है. पुलिस ने खामरा से कहा कि यदि वह प्रायश्चित करना चाहता है तो उसे ट्रक चालकों की हत्या का राज बताना होगा.जिसके बाद उसने मध्य प्रदेश में मंगलवार को तीन लोगों की हत्या करने की बात को कबूला. जिसमें ट्रक चालकों के साथ एक क्लीनर भी शामिल था. इसके अतिरिक्त उसने अब तक 33 ट्रक चालकों और क्लीनरों की हत्या के जुर्म को कबूल किया है. पुलिस जांच में सामने आ रही जानकारी के अनुसार खामरा ने हत्याओं का शिलशिला 2010 से प्रारम्भ किया था.भोपाल पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने पत्रकारों को बताया कि खामरा से हत्याओं का राज जानने किए पुलिस द्वारा साइकोलॉजिकल ट्रीटमेंट दिया गया. जिसके अंतर्गत भूत और आत्माओं वाला रास्ता अपनाया गया. हालांकि इसके परिणाम काफी उत्साहजनक रहे और पुलिस को केस सुलझाने में कामयाबी मिली. उन्होंने आशा वक्त की है कि बाकी बचे केसों को भी पुलिस कुछ दिनों में सुझा लेगी. यह भी पढ़े: CM को करना था लोकार्पण, कांग्रेस सांसद ने एक दिन पहले ही काट दिया फीतावहीं भोपाल पुलिस के उपअधीक्षक धर्मेंद्र चौधरी ने इस केस को लेकर व्यापक जानकारी पत्रकारों से साझा की है. उन्होंने बताया कि ट्रक चालकों और क्लीनरों की हत्याओं का केस पुलिस ने सुलझा लिया है. इन हत्याओं को मध्य प्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं उड़ीसा में अंजाम दिया गया था. इस केस में पुलिस ने खामरा के अतिरिक्त जयकरण प्रजापति और तुकाराम बंजारा को भी आरोपित किया है.पुलिस ने बताया कि इन हत्याओं के पीछे ट्रक की लूट को अंजाम देना था. आरोपियों द्वारा अधिकांश ट्रकों को बेच दिया गया है. साथ ही ट्रक के माल को मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में बेचा गया है. पुलिस ने दो लूटे गए ट्रकों को बरामद करने दावा किया है. पुलिस को ट्रक से माल के अलावा एक डायरी भी बरामद हुई है. जिसमें गैंग के सदस्यों के नाम के साथ ही उनका नंबर भी मिले हैं.ट्रकों को लूट के तरीके के बारे में बताते हुए पुलिस ने बताया कि गैंग पार्टी के बहाने ट्रक ड्राइवरों और क्लीनरों को खाने में नीद की गोली देकर बाद में गला दबाकर और रॉड मार कर उनकी हत्या कर दी जाती थी. सबूत मिटाने के लिए लाश को नदी में फेंक दिया जाता था. चौधरी ने जानकारी दी कि भोपाल के करीब के इलाके से एक ट्रक चालक के शव मिलने के बाद ही इस अंतरराज्यीय गैंग का पटाक्षेप हो सका. पुलिस के पूछताछ में सामने आया कि खामरा लोगों को बेवजह ही हत्या करता था. हत्या के बाद वह हंसकर कहता कि ट्रक चालकों और क्लीनरों को उनकी कठिन जिंदगी से मुक्त कर रहा है. 

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