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कृषि विभाग के पोर्टल में नहीं है दो तहसीलों के नाम, कैसे पंजीयन कराएं किसान?

सरकार ने किसानों की खरीफ की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए 25 अगस्त से 20 सितंबर तक अवधि बढ़ाई है, लेकिन उमरिया की दो तहसील करकेली और बिलासपुर के तकरीबन सौ गांव का एक भी किसान का कृषि उपज खरीद केंद्रों पर पंजीयन नहीं हो पा रहा है.

News18Hindi |

मध्यप्रदेश में किसानों की खरीफ की फसल को प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है. इसके लिए कृषि केंद्रों पर किसानों का पंजीयन किया जा रहा है. फसल के पंजीयन की अवधि बढ़ाकर अब 20 सितंबर की गई है, लेकिन उमरिया के दो तहसीलों के किसान अपना पंजीयन इन कृषि उपज केंद्रों पर नहीं करवा पा रहे हैं. किसानों की खरीफ की फसल की समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होने से परेशान है.


सरकार ने किसानों की खरीफ की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए 25 अगस्त से 20 सितंबर तक अवधि बढ़ाई है, लेकिन उमरिया की दो तहसील करकेली और बिलासपुर के तकरीबन सौ गांव का एक भी किसान का कृषि उपज खरीद केंद्रों पर पंजीयन नहीं हो पा रहा है. परेशान किसान पंजीयन के लिए केंद्रों के चक्कर काट रह हैं, लेकिन उन्हें ठीक से जवाब नहीं मिल रहा है, जबकि अब पंजीयन में महज नौ दिन शेष बचे हैं.


दरअसल, पूरा मामला कृषि विभाग के पंजीयन पोर्टल में जिले की दो तहसील का नाम नहीं होने का है. पंजीयन पोर्टल से उमरिया जिले की करकेली औऱ बिलासपुर तहसील का नाम गायब है, जिसके बिना पंजीयन नहीं हो सकता. चूंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, लिहाजा इसकी खबर राजधानी तक होगी बावजूद पोर्टल में सुधार नहीं कराया गया, बहरहाल जिले के अफसर पूरी तरह सक्रिय है और किसानों को भरोसा दे रहे हैं कि किसी को भी पंजीयन से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा.