मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे के यात्रियों को राहत नहीं, अगले 12 साल तक देना होगा टोल

सरकार के PWD विभाग ने बताया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे बनने से लेकर जून 2018 तक 5763 करोड़ रुपये की कमाई हो चुकी है. जबकि टेंडरिंग के समय इसका अनुमान 4330 करोड़ रुपये ही आंका गया था.

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(अमन सय्यद) मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करने वालों को फिलहाल टोल से कोई राहत नहीं मिलेगी. राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मंगलवार को दायर एक हलफनामे में माना कि मुंबई पुणे एक्सप्रेस-वे पर टोल चलाने वाली कंपनी को करोड़ों रुपये का फायदा हुआ है. हालांकि सरकार ने कहा कि हिसाब की गड़बडी के कारण कंपनी 2019 तक और सरकार 2030 तक टोल वसूलना जारी रखेगी. सरकार ने हलफनामे में बताया कि ऐसा पहले से किए गए करार के कारण हुआ है.साथ ही सरकार के PWD विभाग ने बताया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे बनने से लेकर जून 2018 तक 5763 करोड़ रुपये की कमाई हो चुकी है. जबकि टेंडरिंग के समय इसका अनुमान 4330 करोड़ रुपये ही आंका गया था. यानी अब तक टोल कंपनी को 1433 करोड रुपये का फायदा हो चुका है. इतना ही नहीं सरकार ने पहले से किए गए करार का हवाला देते हुए यह भी कहा कि महेस्कर इंफ्रा लिमिटेड को अगस्त 2019 तक और उसके बाद महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) को 2030 तक टोल वसूलने की इजाज़त है.आपको बता दें इस एक्सप्रेस-वे पर पहले रोज करीब 93 हजार वाहन गुजरने का अनुमान था लेकिन असल में रोजाना करीब 1 लाख 26 हजार वाहन गुजरते हैं. जाहिर है टोल वसूलने वाली कंपनी करोड़ो रुपये अतिरिक्त कमाई कर चुकी है. बता दें कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर अधिक टोल वसूले जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी.यह भी पढ़ें : कैब ड्राइवर ने EMI के पैसे के लिए की HDFC अधिकारी की हत्या, चाकू से किए थे कई वारसरकार के हलफनामे के बाद याचिकाकर्ता प्रवीण वाटेगांवक ने कहा, "टोल वसूली का लक्ष्य पूरा होने के बाद भी लोगो से टोल वसूला जा रहा है, जो कि अवैध है और राज्य सरकार अवैध रूप से अपना खजाना भर रही है, इसलिए टोल बंद किया जाए."इस याचिका पर अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी.

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