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गुजरात पर मेहरबान केंद्र! 2015 से एजेंसियों को फंड ट्रांसफर 350% बढ़ा- रिपोर्ट

गुजरात पर मेहरबान केंद्र! 2015 से एजेंसियों को फंड ट्रांसफर 350% बढ़ा- रिपोर्ट

593 करोड़ रुपये का फंड सीधे महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम में भेजा गया. (सांकेतिक तस्वीर)

593 करोड़ रुपये का फंड सीधे महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम में भेजा गया. (सांकेतिक तस्वीर)

Gujarat Finances: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi) के लिए 3 हजार 133 करोड़ रुपये उन योजनाओं में शामिल है, जहां 2019-20 के दौरान केंद्रीय धन का बड़ा हिस्सा सीधे ट्रांसफर किया गया.

नई दिल्ली. केंद्र की तरफ से गुजरात (Gujarat) की कार्यान्वयन एजेंसियों को मिलने वाली राशि में 2015 से 350 फीसदी का इजाफा हुआ है. कैग (CAG) ने पाया है कि निजी ट्रस्ट, शिक्षण संस्थानों को भेजी गई रकम राज्य के खातों में दर्ज नहीं है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 2019-20 के दौरान राशि के सबसे बड़े हिस्से में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का नाम भी शामिल है. यहां केंद्र ने राज्य को तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी है. हालांकि, कैग ने यह भी पाया है कि चूंकि यह राशि राज्य बजट/राज्य कोष व्यवस्था से नहीं भेजी गई थी, इसलिए इन्हें वार्षिक वित्त खातों में शामिल नहीं किया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को गुजरात विधानसभा में पेश हुई राज्य वित्त की ऑडिट रिपोर्ट में कैग ने पाया, ‘1 अप्रैल 2014 से भारत सरकार ने राज्य सरकारों को केंद्र की योजनाओं के लिए सभी सहायता और अतिरिक्त केंद्रीय सहायता राशि जारी करने का फैसला किया था.’

कैग ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से भेजा जाने वाले आर्थिक हिस्सा 2015-16 में 2 हजार 542 करोड़ रुपये से 350 फीसदी बढ़कर 2019-20 में 11 हजार 659 करोड़ रुपये हो गया. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कैसे राशि का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की तरफ से निजी कंपनियों (837 करोड़ रुपये), निजी शिक्षण संस्थान (17 करोड़ रुपये), ट्रस्ट (79 करोड़ रुपये), रजिस्टर्ड सोसायटी NGOs (18.35 करोड़ रुपये), व्यक्तिगत (1.56 करोड़ रुपये) को दिया गया.


प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए 3 हजार 133 करोड़ रुपये उन योजनाओं में शामिल है, जहां 2019-20 के दौरान केंद्रीय धन का बड़ा हिस्सा सीधे ट्रांसफर किया गया. इसके तहत किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की न्यूनतम आय समर्थन दिया जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, 1 हजार 667 रुपये गांधीनगर और अहमदाबाद के लिए मेट्रो लिंक एक्सप्रेस को दिए गए. इसे अब गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के नाम से जाना जाता है. यह राज्य और केंद्र सरकार के बीच 50-50 का संयुक्त उद्यम है.

593 करोड़ रुपये का फंड सीधे महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम में भेजा गया, जो हर साल 100 दिन का रोजगार देने का वादा करता है. 182 करोड़ रुपये सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना और 97 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए भेजे गए. केंद्र की तरफ से बड़ी राशि प्राप्त करने वाली राज्य की कार्यान्वयन एजेंसियों में राज्य सरकार के संस्थानों (3,406 करोड़ रुपये), राज्य सरकार के PSUs (3,389 करोड़ रुपये), केंद्र सरकार के संस्थानों (1,826 करोड़ रुपये) और सरकार और स्वायत्त पंजीकृत सोसायटी (1,069 करोड़ रुपये) का नाम शामिल है.

Tags:CAG, Central government, Gujarat