सांसदों-विधायकों के खिलाफ 1017 क्रिमिनल केस पेंडिंग, सिर्फ 136 का हुआ निपटारा

केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया है कि 11 राज्यों से मिली सूचना के मुताबिक बीते साल तक इन राज्यों के सांसदों और विधायकों पर कुल 1233 क्रिमिनल केस पेंडिंग थे.

news18 hindi , News18Hindi
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रवैये के बाद भी दागी नेताओं के खिलाफ दर्ज केस निपटारे में तेजी देखने को नहीं मिल रही है. केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया है कि 11 राज्यों से मिली सूचना के मुताबिक बीते साल तक इन राज्यों के सांसदों और विधायकों पर कुल 1233 क्रिमिनल केस पेंडिंग थे. ये सभी मामले स्पेशल कोर्ट में भी ट्रांसफर कर दिए गए थे लेकिन इस सब के बावजूद सिर्फ 136 में ही फैसला आ पाया है.सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई थी सख्ती
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने बीती 30 अगस्त को केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि सख्ती से आदेश देने के बावजूद केंद्र सरकार ने सांसदों और विधायकों के खिलाफ पेंडिंग क्रिमिनल केस की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है. इसी के बाद केंद्र ने कोर्ट को दी जानकारी में बताया है कि आदेश के बाद 12 स्पेशल कोर्ट का गठन किया गया था. दिल्ली में दो स्पेशल कोर्ट हैं जबकि यूपी, केरल, बिहार, वेस्ट बंगाल, तामिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में एक-एक स्पेशल कोर्ट बनाए गए हैं. इन सभी कोर्ट में सांसदों और विधायकों के केस पर ही सुनवाई की जा रही है.हालांकि केंद्र ने जो आंकड़ा दिया है वो सिर्फ 11 राज्यों का है. केंद्र ने बिना कोई ब्यौरा उपलब्ध कराए कोर्ट को ये बताया है कि बाकी राज्यों में पेंडिंग केसों की संख्या 65 है इसलिए वहां स्पेशल कोर्ट का गठन न कर फार्स्ट ट्रैक सिस्टम से केसों का निपटारा किया जा रहा है. सभी राज्य सरकारों को भी इस सन्दर्भ में निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि केंद्र सरकार ने तैयारी नहीं की है और कोर्ट के मांगे जाने पर जानकारी मुहैया नहीं करा रही है. सरकार हमें मजबूर कर रही है कि हम सख्त आदेश पारित करें.

Trending Now