तेलंगाना: KCR को हराने के लिए 'डील' फाइनल, 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

तीनों पार्टियों के नेताओं ने हैदराबाद के एक होटल में मुलाकात की और गठबंधन का ऐलान किया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि वह सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को हराने के लिए इस गठबंधन में और पार्टियों को लाने की कोशिश करेंगे.

news18 hindi , News18Hindi
(पल्लवी घोष)तेलंगाना में कांग्रेस, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (लेफ्ट) विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेगी. तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख और कार्यवाहक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) को हराने के लिए कांग्रेस ने टीडीपी और लेफ्ट के साथ सीटों के बंटवारे पर भी अंतिम बातचीत हो चुकी है. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि तेलंगाना के कुल 119 सीटों में से कांग्रेस 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. जबकि 20 इसकी सहयोगी पार्टियों के लिए छोड़ी गई है.फ्लैट से लेकर मोबाइल तक, आखिर KCR के लिए इतना लकी क्यों है 6 नंबर?मंगलवार को तीनों पार्टियों के नेताओं ने हैदराबाद के एक होटल में मुलाकात की और गठबंधन का ऐलान किया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि वह सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को हराने के लिए इस गठबंधन में और पार्टियों को लाने की कोशिश करेंगे.इस मीटिंग के बाद कांग्रेस, टीडीपी और लेफ्ट के नेता एक साथ राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से भी मिलने पहुंचे. उन्होंने राज्यपाल से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की. इन नेताओं ने कहा कि जब तक राज्य में कार्यवाहक मुख्यमंत्री राव रहेंगे, तब तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते.तेलंगाना में समय पूर्व चुनाव कवायद, केसीआर को होगा फायदा ?बता दें कि तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल अगले साल मई में लोकसभा के कार्यकाल के साथ ही खत्म हो रहा है. लेकिन, मौजूदा कार्यवाहक सीएम केसीआर तय समय से पहले राज्य में चुनाव कराना चाहते हैं. केसीआर के इस फैसले को लेकर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राज्य में टीआरएस के मुकाबले कांग्रेस लड़खड़ाई हुई और कमजोर है. अगर अभी चुनाव हो जाते हैं, तो विपक्ष को तैयारी करने का मौका नहीं मिलेगा. इसका सीधा फायदा केसीआर और उनकी पार्टी को होगा. वहीं, अगर लोकसभा चुनाव के साथ-साथ तेलंगाना के विधानसभा चुनाव होते हैं, तो राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और बीजेपी को ज्यादा फायदा हो सकता है.6 सितंबर को केसीआर ने दिया था इस्तीफा
केसीआर अक्टूबर-नवंबर में चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ तेलंगाना चुनाव कराना चाहते हैं. अक्टूबर-नवंबर में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और मिजोरम में चुनाव हैं. अपनी इस राजनीतिक इच्छा के लिए केसीआर ने 6 सितंबर को विधानसभा भंग करने का ऐलान किया और राज्यपाल को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया. हालांकि, नई सरकार बनने तक केसीआर कार्यवाहक सीएम बने रहेंगे.2014 में मिली थीं 63 सीटें
बता दें कि मई 2014 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में केसीआर की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने 119 सीटों में से 63 जीती थीं. इस बार देखना दिलचस्प होगा कि सीएम केसीआर की ओर से 6 सितंबर को विधानसभा भंग करने का फैसला सही साबित होता है या उन्हें इसपर पछताना पड़ेगा.

Trending Now