जेटली से मुलाकात के माल्या के दावे की व्यापक जांच हो: कांग्रेस

फरार कारोबारी विजय माल्या के एक दावे ने कांग्रेस को बीजेपी पर निशाना साधने का मौका दे दिया है. दरअसल माल्या का दावा है कि देश से निकलने से पहले उसने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी.

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फरार कारोबारी विजय माल्या के एक दावे ने कांग्रेस को बीजेपी पर निशाना साधने का मौका दे दिया है. दरअसल माल्या का दावा है कि देश से निकलने से पहले उसने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी. माल्या के इस बयान पर कांग्रेस ने बुधवार को सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण पर 'व्यापक स्पष्टीकरण तथा अधिक जांच' की ज़रूरत है.पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने ये भी सवाल किया कि माल्या के बारे में सब कुछ पता होने के बावजूद उसे देश के बाहर क्यों जाने दिया गया? उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'कांग्रेस बार-बार कहती आ रही है माल्या, नीरव मोदी और कई अन्य लोगों को जानबूझकर बाहर जाने दिया गया. माल्या ने जो कहा है उस पर वित्त मंत्री की तरफ से और स्पष्ट एवं विस्तृत जवाब आना चाहिए.'सिंघवी ने कहा, 'माल्या ने दो चीज़ें कही हैं. पहली कि उसने वित्त मंत्री से व्यवस्थित ढंग से मुलाकात की थी और दूसरी ये कि उसने मामले को सुलझाने की पेशकश की थी. इस मामले का पूरा खुलासा होना चाहिए. व्यापक स्पष्टीकरण आना चाहिए और व्यापक जांच होनी चाहिए.'उन्होंने कहा, 'ये स्पष्ट होना चाहिए कि क्या ये मुलाकात चलते फिरते हुई है या फिर व्यवस्थित ढंग से हुई है. माल्या की बात से लगता है कि व्यवस्थित ढंग से मुलाकात हुई थी.'कांग्रेस नेता ने सवाल किया, 'जब बैंकों को मालूम था, वित्त मंत्रालय को मालूम था, पूरी सरकार को मालूम था और माननीय प्रधानमंत्री को मालूम था कि माल्या पर इतना बड़ा कर्ज़ बकाया है, ऐसे में उसे देश से बाहर क्यों जाने दिया गया. ये बुनियादी सवाल है जिसका उत्तर पूरा देश जानना चाहता है.'इससे पहले कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'भगोड़ों का साथ, लुटेरों का विकास' बीजेपी का एकमात्र लक्ष्य है.सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार ने ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल भाई, अमित भटनागर जैसों को देश के करोड़ों रुपए लेकर देश छोड़कर भागने दिए. वहीं सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री को  चौकीदार नहीं, भागीदार बताया.दरअसल माल्या ने बुधवार को कहा कि वो भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था. लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने संवाददाताओं को बताया कि उसने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी.उधर वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था. जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का दुरुपयोग करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था.(भाषा इनपुट  के साथ)

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