सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भारतीय सेना ने तेंदुए का मल और मूत्र अपने साथ क्यों रखा था?

निंबोरकर ने बताया कि हमने अध्य्यन किया कि इस क्षेत्र में तेंदुए कुत्तों पर हमला करते हैं. तेंदुए से बचने के लिए कुत्ते छिपना पसंद करते हैं.

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पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देते वक्त भारतीय सेना के लिए सबसे बड़ी चिंता कुत्तों के भौंकने की थी. कुत्तों के भौंके बिना भारतीय सेना चुपचाप दुश्मन के इलाके में अंदर तक पहुंच सके इसलिए लिए सैनिकों ने तेंदुए के मल और मूत्र को अपने साथ रखा. नागरोटा कॉर्प्स के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निंबोरकर ने मंगलवार को यह जानकारी दी.निंबोरकर के मुताबिक तेंदुए के मल ने कुत्तों को चुप रहने में मदद की और भारतीय सेना ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सफल हुई.पुणे स्थिति थोरले बाजीराव पेशवे संस्थान ने मंगलवार को निंबोरकर को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जहां उन्होंने ये बातें कहीं. निंबोरकर ने नौशेरा सेक्टर में ब्रिगेड कमाण्डर के तौर पर काम किया था और सर्जिकल स्ट्राइक से पहले जैव विविधता का अध्ययन किया था.निंबोरकर ने बताया कि हमने पाया कि इस क्षेत्र में तेंदुए कुत्तों पर हमला करते हैं. तेंदुए से बचने के लिए कुत्ते छिपना पसंद करते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार उन्होंने कहा, “हमले की रणनीति बनाते वक्त हम कुत्तों के भौंकने की संभावना और उनके हमले के बारे में जानते थे. इसे रोकने के लिए हमारे सैनिकों ने तेंदुए के मल और मूत्र को अपने साथ रखा था. उन्होंने गांव के बाहर इसे छिड़क दिया. इसने अच्छा काम किया और कुत्ते वहां से भाग गए.”बता दें कि सितंबर 2016 में भारत ने उरी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था. उरी में आतंकवादियों के हमले में 19 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे.पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सिंह, जिनके कार्यकाल में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया था उन्होंने हमले के बारे में अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक के तरीकों और साधनों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता.जून 2018 में सर्जिकल स्ट्राइक के कुछ वीडियो सामने आए, हालांकि पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बताया कि ये वीडियो वास्तविक साक्ष्य के केवल अंशमात्र हैं. तब पर्रिकर ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक को सुरक्षा बलों ने अंजाम दिया था और इसका श्रेय भी उन्हीं को जाना चाहिए. लेकिन आप राजनीतिक नेतृत्व को श्रेय देने से इनकार नहीं कर सकते जिसने कठिन निर्णय लिया.सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए पूर्व रक्षामंत्री ने इसे व्यापक ऑपरेशन बताया था जिसे पूरी तैयारी के बाद अंजाम दिया गया.ये भी देखें: पहली बार सामने आया सर्जिकल स्ट्राइक का VIDEO! सेना ने यूं तबाह किया था आतंकियों का लॉन्चपैड

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