भाषा चुनें :

हिंदी

मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण पर जल्द हो सकता है फैसला, एंटीगा सरकार ने भारत को दिया भरोसा

सूत्रों ने CNN News18 को कहा है कि डायरेक्टर ऑफ पब्लिक प्रॉसिक्यूशन (DPP) की छुट्टियां खत्म हो गई हैं और अब उसने भारत सरकार के प्रत्यर्पण के अनुरोध पर विचार करना शुरू कर दिया है.

News18Hindi |

(महा सिद्दिकी)


पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर कोशिशें तेज़ हो गई हैं. एंटीगा सरकार ने मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर भारत सरकार के अनुरोध पर विचार करना शुरू कर दिया है.


इन दिनों एंटीगा में रह रहे मेहुल चोकसी ने एक दिन पहले एक वीडियो जारी करते हुए कहा था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सभी आरोप गलत और बेबुनियाद हैं और उन्हें फंसाया जा रहा है. उनकी बेचैनी को इसी बात से समझा जा सकता है कि एंटीगा में उनके प्रत्यर्पण को लेकर हलचल बढ़ गई है.


सूत्रों ने CNN News18 को कहा है कि डायरेक्टर ऑफ पब्लिक प्रॉसिक्यूशन (DPP) की छुट्टियां खत्म हो गई हैं और अब उसने भारत सरकार के प्रत्यर्पण के अनुरोध पर विचार करना शुरू कर दिया है.


अब तक भारत सरकार ने एंटीगा को मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर दो याचिका सौंपी है. सबसे पहले 3 अगस्त को विदेश मंत्रालय ने सीबीआई की ओर से पहली प्रत्यर्पण याचिका दी. इसे सीपीवी के एडिशनल सेक्रेटरी मनप्रीत वोहरा ने व्यक्तिगत रूप से दिया था. दूसरी याचिका एंटीगा में भारतीय उच्चायुक्त वी महालिंगम ने 25 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से सौंपा. प्रत्यर्पण के इन दोनों अनुरोधों पर एक साथ विचार किया जा रहा है.


कैसे होगा प्रत्यर्पण पर फैसला?

सूत्रों के मुताबिक पहले डीपीपी प्रत्यर्पण याचिका की जांच करेगी

> इसके बाद इसे अटॉर्नी जनरल स्टीड्रॉय बेंजामिन को भेजा जाएगा

अटॉर्नी जनरल इसे विदेश मंत्री चार्ल्स फर्नांडीज को भेज देंगे

विदेश मंत्री ही प्रत्यर्पण पर आखिरी फैसला लेंगे.


लगातार हो रही है बैठक

पिछले दो हफ्ते में भारतीय उच्चायुक्त वी महालिंगम ने मेहुल चोकसी के मुद्दे पर दो बार एंटीगा के अटॉर्नी जनरल से मुलाकात की है. वो पहले 30 अगस्त को एंटीगा में मिले जब उच्चायुक्त जॉर्जटाउन में थे. दूसरी बैठक 4 सितंबर को गुयाना में हुई. इस बीच, सूत्रों का कहना है कि इस मामले पर भारतीय उच्चायुक्त DPP के लगातार सम्पर्क में हैं और उन्हें भरोसा दिया गया है कि सर्वोच्च प्राथमिकता पर इस मामले को निपटाया जाएगा.


इस बीच चोकसी ने कहा है कि भारतीय पासपोर्ट अथॉरिटी ने उनके पासपोर्ट को सस्पेंड कर दिया है. उन्होंने कहा, ''16 फरवरी को मुझे एक ईमेल मिला, जिसमें कहा गया कि भारत को खतरे की वजह से मेरा पासपोर्ट सस्पेंड किया गया है. 20 फरवरी को मैंने रीजनल पासपोर्ट ऑफिस मुंबई को एक ईमेल भेजा और पासपोर्ट बहाल करने की अपील की. मुझे इसका जवाब नहीं दिया गया. मुझे यह नहीं बताया गया कि मैं भारत के लिए कैसे खतरा हूं.'


ये भी पढ़ें:


OPINION: दांव पर नेहरू-गांधी परिवार का अस्तित्व, मोदी को रोकने के लिए राहुल को अपनाने होंगे नए तरीके


राफेल डील पर एयरफोर्स चीफ ने किया सरकार का समर्थन, कहा- भारत के सामने है गंभीर खतरा