हार्दिक पटेल ने 19 दिन बाद खत्म किया अनशन, कहा- लड़ता रहूंगा युवाओं की लड़ाई

हार्दिक पटेल ने ओबीसी कोटा के तहत पाटीदार आरक्षण और गुजरात के किसानों की कर्ज माफी के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 25 अगस्त से शुरू की थी.

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गुजरात के युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने 19 दिन बाद बुधवार को अपना अनशन खत्म कर दिया है. हार्दिक अपने समुदाय के लिए आरक्षण और किसानों का कर्ज माफ करने की मांग को लेकर 25 अगस्त से अपने घर पर ही अनशन पर बैठे थे. पाटीदार समुदाय के नेता सीके पटेल, नरेश पटेल, जेराम पटेल ने उन्हें नींबू पानी और नारियल पानी पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया.अनशन खत्म करने के बाद हार्दिक पटेल ने कहा, 'युवाओं के लिए मैं आगे भी लड़ता रहूंगा. आरक्षण के लिए लड़ाई जारी रहेगी.'पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा, 'इस अनशन के दौरान कुछ लोग अंग्रेजों की भूमिका में रहे, तो कुछ क्रांतिकारियों की भूमिका निभाते हुए नज़र आए. हमारी लड़ाई पॉश बंगलों में रह रहे लोगों के लिए कभी नहीं थी. हमने हमेशा उनके लिए लड़ाई लड़ी, जिसके पास 5 बीघा जमीन है, जो 10 हजार रुपया महीना कमाने के लिए संघर्ष कर रहा है. हम उनकी लड़ाई लड़ते हैं, जिनके बेटे को अच्छे नंबर्स मिलने के बावजूद कॉलेज में दाखिला नहीं मिलता है.'


हार्दिक पटेल ने कहा, 'पिछले 19 दिनों तक गुजरात की पुलिस ने संविधान के खिलाफ काम किया. पुलिस ने हमारी बहन-बेटियों से अभद्रता की. गुजरात की सरकार ने न पाटीदार के खिलाफ केस वापस लिए और न बिन-अनामत आयोग बनाया. किसानों का कर्ज भी माफ नहीं हुआ. सरकार ने कोई भी मांग नहीं मानी. मैं गुजरात के गांव-गांव जाऊंगा. दिल्ली जाकर अनशन करुंगा.'बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए हार्दिक पटेल ने कहा, 'इस सरकार के सामने अब लोहिया-जेपी के नक्शे कदम पर 'संपूर्ण लोक क्रांति' की लड़ाई शुरू हो चुकी है. यह लड़ाई अब लोकशाही बचाने के लिए होगी. बीजेपी के सत्ता छोड़नी होगी या फिर जनता उसे ऐसा करने के लिए मजबूर कर देगी. अब घर-घर गांधी और सरदार पैदा होगा और संपूर्ण लोकक्रांति होगी.इससे पहले हार्दिक पटेल ने ट्वीट कर कहा था कि पाटीदार समाज के लोगों ने उनसे जिंदा रहकर लड़ाई जारी रखने की अपील की थी, लिहाजा वह अनशन तोड़ने जा रहे हैं. अनशन खत्म करने के बाद हार्दिक पटेल ने कहा कि युवाओं को लेकर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.SC/ST एक्ट से क्यों नाराज हैं सवर्ण?हार्दिक ने ट्वीट किया, 'किसानों और समाज की कुलदेवी श्री उमिया माताजी मंदिर ऊंझा और श्री खोड़ल माताजी मंदिर कागवड के प्रमुख लोगों ने मुझे कहा कि तुम्हें जिंदा रहकर लड़ाई लड़नी है. सब का सम्मान करते हुए अनिश्चितकालीन उपवास आंदोलन के आज 19वें दिन दोपहर तीन बजे मैं उपवास आंदोलन खत्म करूंगा.'बता दें कि हार्दिक के इस अनशन को गुजरात कांग्रेस का समर्थन भी हासिल था. कांग्रेस ने घोषणा की थी कि अगर राज्य सरकार पाटीदार नेता हार्दिक पटेल से बातचीत नहीं करती है, तो वह उनके समर्थन में 24 घंटे का उपवास रखेगी. वहीं आप नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपना समर्थन हार्दिक को दिया था.


बीजेपी ने अनुसूचित जातियों के लिए क्यों चला था एससी/एसटी एक्ट का दांव, क्या है चुनावी गणित!हालांकि, इस दौरान हार्दिक का वज़न 20 किलोग्राम तक कम हो गया और उन्हें दो दिनों के लिए अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा था. इस दौरान रोज उनके पास कोई न कोई नेता मिलने आता ही रहता है.मंगलवार को कांग्रेस के विधायक ललित कगथरा, ललित वसोया, किरीट पटे, आशा पटेल और महेश पटेल ने उनसे मुलाक़ात की थी. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी मंगलवार को हार्दिक से मिलकर उपवास तोड़ने की अपील की थी.

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