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Rajasthan:दलित छात्र की हत्या से आहत हुये कांग्रेस MLA पानाचंद मेघवाल, पद से दिया इस्तीफा

कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने कहा कि जब हम हमारे समाज के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें न्याय दिलाने में नाकाम होने लगें तो हमें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.

कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने कहा कि जब हम हमारे समाज के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें न्याय दिलाने में नाकाम होने लगें तो हमें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.

गहलोत सरकार के विधायक पानाचंद मेघवाल ने दिया इस्तीफा: जालोर में टीचर की पिटाई से हुई दलित छात्र की मौत (Dalit student murder case) से आहत राजस्थान के दलित विधायक पानाचंद मेघवाल ने इस्तीफा (Congress MLA Panachand Meghwal resigns) दे दिया है. मेघवाल बारां-अटरू विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक हैं. अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने संविधान में दलितों और वंचितों के लिये जिस समानता के अधिकार का प्रावधान किया था उसकी रक्षा करने वाला कोई नहीं है.

हाइलाइट्स

पानाचंद मेघवाल बारां-अटरू से कांग्रेस के विधायक हैं
मेघवाल दूसरी बार विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे हैं

बारां. राजस्थान के जालोर जिले में टीचर की पिटाई से दलित छात्र इन्द्र कुमार मेघवाल की मौत (Dalit student murder case) से आहत होकर कांग्रेस के दलित विधायक पानाचंद मेघवाल ने अपने पद से इस्तीफा (Congress MLA Panachand Meghwal resigns) दे दिया है. विधायक पानाचंद मेघवाल ने अपना इस्तीफा मेल के जरिये सीएम अशोक गहलोत और विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को भेजा है. पानाचंद मेघवाल कोटा संभाग के बारां जिले की बारां-अटरू विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक बने हैं. पानाचंद मेघवाल खान मंत्री प्रमोद जैन भाया के नजदीकी माने जाते हैं.

जालोर के सायला थाना इलाके के सुराणा गांव में 9 वर्षीय दलित छात्र की मौत के मामले में अब तक विपक्ष के हमलों का सामना कर रही राजस्थान की गहलोत सरकार अब अपनों से ही घिरने लगी है. दलितों पर अत्याचारों को लेकर लगातार विपक्ष के निशाने पर रहने वाली गहलोत सरकार के विधायक ने भी अब अपनी आवाज उठाकर सरकार के सामने परेशानियां खड़ी कर दी है. विधायक पानाचंद ने अपने इस्तीफे में अपना दर्द बयां करते हुये पद त्यागने की बात कही है.


कांग्रेस विधायक पानाचंद की ओर से सीएम को भेजा गया इस्पीफा.

यातनाओं को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता
पानाचंद मेघवाल ने अपने इस्तीफे में कहा है कि देश आजादी के 75 वर्ष पूरे कर चुका है. देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. आजादी के 75 साल बाद भी प्रदेश में दलितों और वंचितों पर हो रहे अत्याचारों से मेरा मन आहत है. उन्होंने लिखा कि मेरा समाज जिस तरह की यातनायें सह रहा है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. पिछले कुछ वर्षों से दलितों पर अत्याचार की घटनायें लगातार बढ़ती जा रही है.

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मेघवाल बोले रक्षा करने वाला कोई नहीं है
विधायक पानाचंद मेघवाल ने आगे लिखा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने संविधान में दलितों और वंचितों के लिये जिस समानता के अधिकार का प्रावधान किया था उसकी रक्षा करने वाला कोई नहीं है. जब हम हमारे समाज के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें न्याय दिलाने में नाकाम होने लगें तो हमें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है. अत: मैं मेरी अंतरआत्मा की आवाज पर विधायक पद से इस्तीफा देता हूं.

बसपा और बीजेपी ने भी घेरा गहलोत सरकार को
उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने भी राजस्थान की अशोक गहलोत पर जमकर प्रहार किये हैं. वहीं बीजेपी पहले से ही राज्य सरकार पर हमलावर हो रखी है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर घटना पर दुख जताते हुये कहा था कि मासूम दलित बच्चे को बुरी तरह पीटे जाने के बाद उसकी मृत्यु की घटना बेहद दुखद है. मैं इस क्रूर कृत्य की भर्त्सना करता हूं.

Tags:Ashok Gehlot Government, Baran news, Congress MLA, Rajasthan news

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