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Barmer News: भारत-पाक सीमा का एक ऐसा गांव, जहां सैकड़ों परिवार पलायन को मजबूर! जानें वजह

Barmer News: भारत-पाक सीमा का एक ऐसा गांव, जहां सैकड़ों परिवार पलायन को मजबूर! जानें वजह

Barmer News: आजादी के 75 साल बाद भी भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे सरहदी बाड़मेर जिले के सीमावर्ती गडरारोड़ के बच्चियां गांव में पानी की जदोजहद के लिए ग्रामीणों को कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है.

रिपोर्ट- मनमोहन सेजू

बाड़मेर. सरकार विकास के कई बड़े बड़े दावे करती है, लेकिन राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में आजादी के 75 साल बाद भी तस्वीर ज्यों की त्यों बनी हुई हैं. वहीं पानी न मिले तो हम अपने कल को भी सुरक्षित नहीं कह सकते है. ऐसा ही कुछ नजारा भारत-पाक की सीमा पर बसे सरहदी बाड़मेर जिले के बच्चियां गांव के हैं. इस गांव में पुरुष हो, चाहे महिला हो या फिर बच्चे. सभी को पानी की जदोजहद के लिए घण्टों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है. बच्चियां गांव के हालात ऐसे है कि अब यहां के लोग पलायन करने को मजबूर हो गए है. यहां पहले करीब 400 घरों की बस्ती थी जो अब सिमट कर 100 घरों तक ही सीमित रह गई है.

अभाव, अकाल और पलायन. दूरियां-संसाधनों की की कमी और रेतीली राहें. कम लोग-ज्यादा मुश्किलें. बाड़मेर के साथ जुड़ी इन पीड़ाओं ने रेगिस्तान के इस इलाके को काला-पानी की तोहमत दे दी. अब आलम यह है कि इस काले पानी की वजह से लोग पलायन को मजबूर हो गए है. आजादी के 75 साल बाद भी भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे सरहदी बाड़मेर जिले के सीमावर्ती गडरारोड़ के बच्चियां गांव में पानी की जदोजहद के लिए ग्रामीणों को कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है. 20 साल पहले बने एकमात्र कुंए से पूरे गांव की प्यास बुझना भी संभव नहीं है.

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एक बूंद पानी के लिए तरसते ग्रामीण
वहीं बारिश नहीं होने से पशुपालक भी चिंतित है. बाड़मेर जिला मुख्यालय से करीब 140 किलोमीटर दूर बच्चियां गांव के ग्रामीणों के मुताबिक आजादी के बाद से ही पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ. इसलिए करीब 300 से अधिक परिवार गांव छोड़कर अन्य जगह पर जाकर बस गए है. गांव की बुजुर्ग महिला सीता देवी का कहना है कि गांव की महिला, पुरुष व बच्चों को एक- एक पानी की बूंद के लिए जतन करने पड़ रहे है.

ग्रामीण पलायन को मजबूर
गांव के ग्रामीणों ने पानी की समस्या को दूर करने के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत भी करवाया है. इसके बावजूद जिला मुख्यालय से 140 किमी दूर इस गांव में पानी के लिए कोई समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण पलायन को मजबूर हो हो गए है. गडरारोड़ प्रधान सलमान खान का कहना है कि डीएनपी एरिया होने के कारण चाहकर भी कुछ विकास के कार्य नहीं करवा पा रहे है.

बहरहाल पानी की समस्या की वजह से बच्चियां गांव के लोग पलायन करने को मजबूर है. ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि यह पलायन कब रुक पाता है.


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Tags: Barmer news, CM Rajasthan, Congress Government, Rajasthan news, Water Crisis

FIRST PUBLISHED : September 30, 2022, 09:14 IST
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