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कटीली झाड़ियों में मिली थी नवजात, अस्पताल पहुंचते ही बन गई परी, डॉक्टर्स के चेहरे पर आई मुस्कान

कटीली झाड़ियों में मिली थी नवजात, अस्पताल पहुंचते ही बन गई परी, डॉक्टर्स के चेहरे पर आई मुस्कान

Rajasthan News: राजस्थान के चूरू में डॉक्टर्स ने लावारिस मिली बच्ची की जान बचाई.

Rajasthan News: राजस्थान के चूरू में डॉक्टर्स ने लावारिस मिली बच्ची की जान बचाई.

Churu News: राजस्थान (Rajasthan News) के चूरू (Churu Crime News) में डॉक्टर्स की टीम ने एक नवजात को नई जिंदगी दी. दरअसल, कुछ दिन पहले एक दिन की नवजात कटीली झाड़ियों में बदहाल हालत में मिली थी. फिर उसे नीकू वॉर्ड पहुंचाया, यहां डॉक्टरों की टीम ने उसकी देखरेख की. फिर उसका नाम परी रखा गया.

चूरू. राजस्थान के चूरू जिले की सरदारशहर तहसील के गांव पुनूसर में 13 अगस्त की सुबह कंटीली झाड़ियों में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली थी. बुधवार को उसे सरदारशहर से चूरू के मातृ शिशु अस्पताल के नीकू वार्ड में भर्ती किया गया. नीकू वार्ड में मौजूद डॉक्टरों की टीम अब बालिका की देखरेख कर रही है. नर्सिंग स्टाफ की टीम ने बालिका को परी नाम दिया है. यह बालिका कंटीली झाड़ियों में लावारिस मिली थी. बच्ची पर चीटियां लगी थी और उसके कांटे चुभे हुए थे.

नीकू वार्ड के चिकित्सकों ने बताया कि फिलहाल नवजात बालिका स्वस्थ है. उन्होंने बताया कि नवजात का वजन करीब दो किलो आठ सौ ग्राम है. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. खुर्शीदा ने बताया कि नवजात बालिका को फिडिंग करवाई गई है. बच्ची सवस्थ है.

नर्सिंग स्टाफ ने किया बच्ची का देखरेख 

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अस्पताल प्रभारी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ चंद्रभान जांगिड़ ने बच्ची का उपचार किया. अस्पताल में कार्यरत एएनएम विनोद कंवर, श्यामलाल जांगिड़ और डॉक्टर चंद्रभान ने बच्ची को नहलाया और बच्ची के शरीर को पूरी तरह से साफ किया गया. डॉ. चंद्रभान जांगिड़ का कहना है कि बच्ची का पिछले 12 घंटे के अंदर जन्म हुआ है. खुले में रहने के कारण से वह अस्वस्थ हो चुकी है. बच्ची का एसएनसीयू वार्ड में उपचार जारी है.


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नवजात के शुगर, ब्लड टेस्ट आदि के सैंपल करवाए गए है. नीकू वार्ड प्रभारी विजयपाल पूनिया ने बताया कि नवजात की देखभाल के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है. नवजात को एमसीएच में भर्ती करने और हेल्थ चैकअप के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम को सूचना कर दी गई है. नवजात बालिका को सरदारशहर अस्पताल से लेकर आई नर्सिग ऑफिसर सुनीता पूनिया ने बताया कि 13 अगस्त को जिस हालत में नवजात मिली थी उसकी स्थिति ठीक नहीं थी. अब नवजात बेहतर स्थिति में है. बुधवार दोपहर मातृ शिशु अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई वार्ड में नवजात को लाया गया तो वार्ड मे मौजूद नर्सिंग और डॉक्टर स्टाफ के चेहरे पर मुस्कान आ गई.

Tags:Churu news, Rajasthan news

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