लेटेस्ट खबरेंमनीअजब-गजबफूडविधानसभा चुनावमनोरंजनफोटोकरियर/ जॉब्सक्रिकेटलाइफस्टाइलहेल्थ & फिटनेसनॉलेजलेटेस्ट मोबाइलप्रदेशपॉडकास्ट दुनियाराशिNews18 Minisसाहित्य देशक्राइमLive TVकार्टून कॉर्नरMission Swachhta Aur Paani#RestartRight #HydrationforHealth#CryptoKiSamajhCryptocurrencyNetra Suraksha
होम / न्यूज / राजस्थान /

Lumpy skin disease: अब राजस्थान में हो सकेगी सैम्पल की जांच, RTPCR से 3 दिन में आ जाएगी रिपोर्ट

Lumpy skin disease: अब राजस्थान में हो सकेगी सैम्पल की जांच, RTPCR से 3 दिन में आ जाएगी रिपोर्ट

Lumpy Skin Epidemic: गौवंश में लंपी स्किन महामारी से जूझ रहे राजस्थान (Rajasthan) के लिए आखिरकार लंबे समय बाद एक खुशखबर आई है. अब इस बीमारी से पीड़ित पशु के सैम्पल की जांच अब राजस्थान में ही हो सकेगी. इसके लिए राजस्थान की पहली RTPCR मशीन जयपुर पहुंच गई है. पढ़ें कैसे होगी यह जांच और क्या है इसकी प्रक्रिया.

RTPCR मशीन में CT वैल्यू के अनुसार सैम्पल का पॉजीटिव या नेगेटिव होना निश्चित किया जाता है.

RTPCR मशीन में CT वैल्यू के अनुसार सैम्पल का पॉजीटिव या नेगेटिव होना निश्चित किया जाता है.

हाइलाइट्स

RTPCR मशीन से सभी प्रकार के वायरस जनित रोगों की पहचान की जा सकती है
पशु चिकित्सकों के अनुसार पीसीआर तकनीकी रोग निदान की नवीनतम तकनीक है
इसमें डीएनए और आरएनए की सूक्ष्म मात्रा को संवर्धित कर रोग निदान किया जाता है

जयपुर. राजस्थान में गोवंश में फैल रही लंपी स्किन डिजीज (Lumpy skin disease) के सैम्पल की जांच अब राजस्थान में ही हो सकेगी. राजस्थान में लंपी स्किन डिजीज के सैम्पल की जांच के लिए प्रदेश की पहली RTPCR मशीन जयपुर पहुंच गई है. जयपुर के राज्य पशु निवारण केन्द्र की लैबोरेट्री में इस आरटीपीसीआर मशीन को स्थापित किया गया है. प्रदेश की पहली RTPCR मशीन आने के बाद अब सैम्पल की जांच के लिए राजस्थान से बाहर दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा. देश के 18 राज्यों में लंपी वायरस का संक्रमण फैलने के कारण एक सैम्पल की रिपोर्ट आने में पंद्रह दिन से एक महीने का समय लगता था. लेकिन अब राजस्थान में महज दो से तीन दिन में ही सैम्पल की रिपोर्ट तैयार हो सकेगी.

पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इस नई RTPCR मशीन से लंपी स्किन डिजीज के साथ साथ सभी प्रकार के वायरस जनित रोगों की पहचान की जा सकती है. पूर्व में कई पशु रोगों में जांच के लिये आवश्यक जांच के लिए सैम्पल  अन्य प्रदेशों के रोग निदान केन्द्रों या केन्द्रीय रोग निदान प्रयोगशालाओं में भेजे जाते थे. उससे जांच में अधिक समय लगता था और सीमित संख्या में ही सैम्पल  भेजे जाने का दबाव रहता था. कई अवसरों पर सैम्पल रास्ते में खराब होने का अंदेशा रहता था. इससे प्रदेश के पशुओं में फैले रोग के प्रकोप का समय पर सही आकलन नहीं किया जा सकता था और उसके नियंत्रण में बाधाएं आती थी.

यूं काम करती है अत्याधुनिक RTPCR मशीन
राजस्थान राज्य पशु रोग निदान केन्द्र जयपुर के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ.लेनिन भट्ट ने बताया कि सबसे पहले संक्रमित पशुधन का फील्ड से सैम्पल कलेक्शन किया जाता है. ये सैम्पल पशुपालन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार स्किन, ब्लड, सीरम से भी लिया जा सकता है. सैम्पल को कोविड-19 वायरस के सैम्पल की तरह ही कोल्ड चैन बनाकर लैब तक पहुंचाया जाता है. अत्याधुनिक RTPCR मशीन फ्लोरेक्सन बेस्ड डिटेक्शन सिस्टम पर आधारित तकनीकी कार्य करती है. एकत्रित किए गए सैम्पल को लैब में मास्टर सिस्टम में एड क्वालिटी को डिटेक्ट करने के बाद RTPCR मशीन में लाया जाता है. वहां मशीन से सैम्पल के डीएनए के जरिए वायरस की पहचान की जाती है.

आपके शहर से (जयपुर)

Congress की Delhi में बैठक, CM Ashok Gehlot भी हुए शामिल; Raipur में होगा कांग्रेस का अधिवेशन

Raju Theth Murder Case | रात को मालकेतु की पहाड़ी में स्थित दादु पंथी मंदिर में रूके थे शूटर

Sikar News | Tarachand की मौत को लेकर BJP ने स्थगित की जनाक्रोश यात्रा, बड़े आंदोलन की तैयारी

Jaipur को International Match की सौगात!, RCA अध्यक्ष ने SMS Stadium का लिया जायजा | Hindi News

Bharat Jodo Yatra: Rajasthan में आज प्रवेश करेगी Rahul Gandhi की भारत जोड़ो यात्रा | Hindi News

Udaipur News | G20 सम्मेलन का आगाज़, उदयपुर में पहली बार G-20 शिखर सम्मेलन की शेरपा बैठक

Raju Theth Murder Case Update | गोली निकालने के दौरान ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाए शूटर, दूर तक आई आवाज़

EXCLUSIVE | मालकेतु की वो पहाड़ी जहां से भागने की फिराक में थे शूटर | Raju Theth Murder News

Sardarshahar By Election | सरदारशहर का संग्राम कल, अशोक और अनिल की जंग में तीसरा कौन? | Hindi News

Morning Headlines | सुबह की सभी बड़ी खबरें | Latest Hindi News | Top Headlines | 4 December 2022

Latest Morning News Update | आज सुबह की सभी अहम बड़ी खबरें | Latest Hindi News | Rajasthan Top News


यूं होती है डीएनए में वायरस की पहचान
डॉ. लेनिन भट्ट के अनुसार पीसीआर तकनीकी रोग निदान की एक नवीनतम तकनीक है. इसमें डीएनए और आरएनए की सूक्ष्म मात्रा को संवर्धित कर रोग निदान किया जाता है. इस तकनीकी में डीएनए की डुप्लीकेट कॉपी बनाने के लिए जरूरी कंडीशन एवं सामग्री को पीसीआई मशीन के द्वारा आर्टिफिशियल तरीके से प्रदान किया जाता है. इससे सूक्ष्म मात्रा में मौजूद डीएनए का लाखों गुना तक संवर्धन हो जाता है. डीएनए द्वारा अपनी डुप्लीकेट कॉपी बनाने की प्रक्रिया तीन चरणों में होती है. 1. DeNaturation 2. Annealing Of Primers 3. Extension. पीसीआर मशीन में ये तीनों चरण कई बार रिपीट किए जाते हैं. इससे डीएनए की संख्या हर बार दोगुनी हो जाती है. अंत में CT वैल्यू के अनुसार सैम्पल का पॉजीटिव या नेगेटिव होना निश्चित किया जाता है.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|

Tags: Jaipur news, Lumpy Skin Disease, Rajasthan news

FIRST PUBLISHED : October 02, 2022, 13:26 IST
अधिक पढ़ें