होम / न्यूज / राजस्थान /

राजस्थान: आत्मदाह करने वाले पुजारी की मौत, 18 घंटे चला उपचार; कड़ी सुरक्षा में होगा अंतिम संस्कार

राजस्थान: आत्मदाह करने वाले पुजारी की मौत, 18 घंटे चला उपचार; कड़ी सुरक्षा में होगा अंतिम संस्कार

jaipur News: आत्मदाह करने वाले लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी गिर्राज की इलाज के दौरान मौत हो गई.

jaipur News: आत्मदाह करने वाले लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी गिर्राज की इलाज के दौरान मौत हो गई.

jaipur News: राजधानी जयपुर के लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी गिर्राज की इलाज के दौरान मौत हो गई. मंदिर समिति से विवाद के कारण पुजारी ने गुरुवार को अलसुबह आत्मदाह किया था. पुजारी को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज चल रहा था. 18 घंटे चला उपचार चला. पुजारी गिरिराज 5 बेटियों और 2 बेटों के इकलौते सहारा थे.

विष्णु शर्मा.

जयपुर. राजधानी जयपुर के गुरुवार अलसुबह आत्मदाह करने वाले लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी गिर्राज की इलाज के दौरान आज मौत हो गई. मंदिर समिति से विवाद के कारण पुजारी नई सड़क पर निकल कर आत्मदाह कर लिया था. पुजारी को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज चल रहा था. मुरलीपुर थाने में 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. 5 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. तीन आरोपी अभी भी फरार हैं. 18 घंटे चला उपचार चला. पुजारी गिरिराज 5 बेटियों और 2 बेटों के इकलौते सहारा थे. पुलिस की कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार होगा. कालोनी वासियों में घटना को लेकर आक्रोश है. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. पुलिस लगातार एक्शन में है. पांचवें आरोपी मालीराम साहू को आज गिरफ्तार किया गया.

जानकारी के मुताबिक, घटना जयपुर के मुरलीपुरा थाना इलाके की है. शंकर विहार स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी गिर्राज शर्मा मंदिर में ही रहते थे. मंदिर समिति के सदस्य और पुजारी के बीच कोई विवाद चल रहा था. आरोप है कि मंदिर समिति के सदस्य पुजारी को जबरन हटाना चाहते थे. आहत होकर पुजारी ने गुरुवार को सुबह करीब पांच बजे खुद को आग लगा ली.

आपके शहर से (जयपुर)

OMG: बड़ा ढीठ निकला भरतपुर का रावण, पेट्रोल-डीजल डालने के बावजूद जलने से करता रहा इनकार

यूरोप के Sea Beach पर बिकनी गर्ल्स के बीच लुगड़ी में भारत की महिला, बोलती हैं फर्राटेदार इंग्लिश

नाइट टूरिज्म, वाइल्ड लाइफ ट्रेल और डेजर्ट एस्ट्रो समेत राजस्‍थान में पर्यटकों के ल‍िए होगा बहुत कुछ खास

Nagaur: लालटेन की रोशनी से पढ़ाई कर ट्रक ड्राइवर का बेटा बना अफ़सर, UPSC में मिला यह रैंक

राजस्थानः बेरोजगारों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, दांडी यात्रा पर निकल पड़े युवा

Ravana Dahan: रावण की ऐसी दुर्गति...दहन से पहले ही टूट गई गर्दन, डेढ़ लाख में तैयार हुआ था पुतला

महिला ने रात में की पति की हत्या, फिर रची साजिश; सुबह करवा दिया अंतिम संस्कार; लेकिन तभी...

भरतपुर में नीतू किन्नर की अनोखी पहल, 10 साल में 100 गरीब बेटियों के हाथ करवाए पीले

Dholpur: पाताल तोड़ 7 मंजिला बावड़ी में 4 मंजिल पानी की सतह में नीचे, 3 हैं ऊपर, जाने खासियत

Nagaur: 'आलू किंग' रोहित शर्मा 45 साल से परोस रहे चाट, लाजवाब स्‍वाद बना देगा आपको दीवाना

राजस्थान सरकार की बॉन्ड नीति का विरोध, जयपुर में रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल शुरू, राज्य में सांकेतिक विरोध जारी


पिछले 25 साल से कर रहे थे मंदिर में पूजा
जानकारी के अनुसार, पुजारी गिर्राज शर्मा पिछले 25 वर्षों से इसी मंदिर में पूजा कर रहे थे. मंदिर में पुलिस बल लगाया गया है. लोगों ने पुजारी के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है. आरोप है कि मंदिर समिति के लोग उन्हें मंदिर से निकालना चाहते थे. ऐसे में पुजारी ने उन्हीं लोगों के घर के सामने आत्मदाह किया था, जिनसे विवाद चल रहा था.


राजस्थान में पिछले कुछ महीनों में साधु-संतों की मौत को लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं. पिछले माह भरतपुर के डीग क्षेत्र में आदिबद्री धाम और कनकाचल में हो रहे अवैध खनन के विरोध में आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को संत विजयदास (65 साल) ने आत्मदाह कर लिया था. उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें पहले जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था. फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उनकी मौत हो गई थी. बाद में धौलपुर और भरतपुर में दो मंदिरों के पुजारियों के शव संदिग्ध हालत में मंदिर परिसरों में ही पेड़ों पर लटके हुये मिले थे. जालोर में एक संत ने आत्महत्या कर ली थी.

Tags:Jaipur news, Rajasthan news

अधिक पढ़ें