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मैच फिक्सिंग और कोकीन के मामले में कैसे आया ब्रैंडन टेलर की पत्‍नी का नाम

मैच फिक्सिंग और कोकीन के मामले में कैसे आया ब्रैंडन टेलर की पत्‍नी का नाम

ICC ने जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ब्रैंडन टेलर पर फिक्सिंग की जानकारी छुपाने के कारण बैन लगा दिया है. (AFP)

ICC ने जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ब्रैंडन टेलर पर फिक्सिंग की जानकारी छुपाने के कारण बैन लगा दिया है. (AFP)

Brendan Taylor corruption case: जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ब्रैंडन टेलर को आईसीसी ने मैच फिक्सिंग की जानकारी छुपाने के मामले में साढ़े तीन साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. इसके बाद आईसीसी और ब्रैंडन टेलर के बीच हुई सुनवाई का आधिकारिक ब्यौरा सामने आया है. इसमें यह खुलासा हुआ है कि कैसे ब्रेंडन को टी20 टूर्नामेंट कराने के नाम पर भारत बुलाया गया और फिर स्पॉट फिक्सिंग के जाल में फंसाया गया.

नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक दिन पहले जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ब्रैंडन टेलर (Brendan Taylor) पर स्पॉट फिक्सिंग की पेशकश की जानकारी समय पर नहीं देने के लिए साढ़े 3 साल का प्रतिबंध लगाया है. अब आईसीसी और ब्रैंडन टेलर के बीच इस मामले को लेकर जो सुनवाई हुई, उसका आधिकारिक ब्यौरा सामने आया है. इसमें चौंकाने वाले खुलासा हुआ है कि टेलर को पहले जाल में फंसाया गया और फिर उन्हें स्पॉट फिक्सिंग के लिए ब्लैकमेल तक किया गया.

जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान टेलर की गलती यह रही कि उन्हें जब भारतीय बिजनेसमैन ने स्पॉट फिक्सिंग के लिए मोटी रकम की पेशकश की तो उन्होंने काफी देरी से आईसीसी की इसकी जानकारी दी.

आईसीसी और टेलर के बीच हुई सुनवाई का जो आधिकारिक ब्यौरा सामने आया है, उसके मुताबिक, 31 मार्च 2020 को ब्रेंडन टेलर ने पहली बार भारतीय बिजनेसमैन द्वारा की गई स्पॉट फिक्सिंग की पेशकश की जानकारी आईसीसी को दी. हालांकि, यह घटना नवंबर, 2019 की थी और टेलर ने 4 महीने बाद आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट से यह जानकारी साझा की थी. हालांकि, टेलर ने जब पहली बार आईसीसी को फिक्सिंग से जुड़ी यह जानकारी दी थी, तब उन्होंने यह नहीं बताया था कि इस कथित बिजनेसमैन से उन्होंने 15 हजार डॉलर (10 लाख रुपए) लिए थे.


ब्रैंडन टेलर पत्नी के साथ. (Brendan taylor instagram)

टेलर ने बाद में आईसीसी के सामने यह बात कबूली थी कि उन्हें पैसे मिले थे. लेकिन उन्होंने यह दावा किया था कि यह रकम उन्हें एक इवेंट में शामिल होने के एवज में दी गई थी. बाद में जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ने असली कहानी बताई थी, जिसमें मैच फिक्सिंग की पूरी कहानी सामने आई थी.

टी20 टूर्नामेंट शुरू कराने के नाम पर टेलर को फंसाया गया
टेलर ने आईसीसी की सुनवाई के दौरान बताया कि बिजनेसमैन ने उन्हें यह कहते हुए भारत बुलाया था कि वो जिम्बाब्वे में टी20 टूर्नामेंट शुरू करना चाहते हैं और इसके लिए उन्हें 15 हजार डॉलर की रकम देंगे. तब मैं 3 रात और 4 दिन के लिए भारतीय बिजनेसमैन के खर्चे पर भारत आया था. भारत पहुंचने के बाद बिजनेसमैन ने मुझे एक फोन दिया था. टेलर ने दावा किया कि उन्होंने यह फोन इसलिए लिया था. क्योंकि उनका फोन खराब हो गया था. इतना ही नहीं, बिजनेसमैन ने टेलर के नए कपड़ों के लिए भी भुगतान किया था.

मैच फिक्सिंग से मोटी रकम कमाने का लालच दिया गया
भारत यात्रा के आखिर में टेलर भारतीय बिजनेसमैन और उसके सहयोगियों से मिले थे और इस बार उनसे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में स्पॉट फिक्सिंग की पेशकश की गई. टेलर से कहा गया कि वो अगर स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होते हैं तो 35 हजार डॉलर (25 लाख रुपए) तक कमा सकते हैं. तब भारतीय बिजनेसमैन ने टेलर से यह भी कहा था कि वो मैच फिक्स करने के लिए एक और खिलाड़ी को शामिल करना चाहते हैं.

टेलर को वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल किया गया
टेलर ने आईसीसी को बताया कि उन्होंने शुरू में तो फिक्सिंग में शामिल होने से इनकार कर दिया था, लेकिन भारतीय बिजनेसमैन ने उन्हें यह कहते हुए ब्लैकमेल किया कि उनके पास मेरा आपत्तिजनक वीडियो है और अगर मैंने उनके इस ऑफर को ठुकराया, तो वो इस वीडियो को मेरी पत्नी को भेजने के साथ ही सार्वजनिक कर देंगे. टेलर को डर था कि अगर उन्होंने भारतीय बिजनेसमैन और उसके सहयोगियों की बात नहीं मानी तो वो उनके साथ कुछ गलत कर सकते थे. इसी वजह से उन्होंने पैसे ले लिए.

इसी हफ्ते टेलर ने ट्वीटर पर भी अपना एक वीडियो शेयर किया था. इसमें उन्होंने यह खुलासा किया था कि उन्होंने भारत यात्रा के दौरान इस बिजनेसमैन के साथ कोकीन का सेवन किया था. तब चोरी-छिपे उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया था और इसके जरिए उन्हें स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने के लिए ब्लेकमैल किया गया था.

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टेलर की क्रिकेट मैदान पर वापसी शर्तों के साथ होगी
आईसीसी और टेलर के बीच सुनवाई का जो आधिकारिक ब्यौरा सामने आया है, उसके मुताबिक, टेलर के पास अब भी स्पॉट फिक्सिंग के लिए मिले 15 हजार यूएस डॉलर (10 लाख रुपए) हैं. जिसके बारे में उन्होंने आईसीसी से कहा है कि यह रकम उनके एक दोस्त के पास सुरक्षित है. टेलर ने यह सुनवाई के दौरान यह साफ किया है कि इस पैसे से ना तो उन्हें, ना ही परिवार या दोस्त को किसी तरह का फायदा हो सकता है. हालांकि, टेलर की साढ़े तीन साल बाद क्रिकेट में वापसी इसी शर्त पर होगी कि जब वो आईसीसी को यह साबित कर देंगे कि मैच फिक्सिंग को लेकर उन्हें जो रकम मिली थी, उससे उनके परिवार का करीबियों का कोई फायदा नहीं हुआ.

Tags:Brendon Taylor, ICC, Match fixing, Zimbabwe