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ताजनगरी आगरा में चल गया रोटी वाली अम्मा के स्वाद का जादू, खाने के लिए उमड़ी भीड़

Agra News: 15 साल से सेंट जोंस चौराहे पर चूल्हे की सोंधी रोटियां बेंचकर गुजारा करने वाली भगवान देवी शहर में रोटी वाली अम्मा के नाम से मशहूर हैं. रोटी वाली अम्मा 80 बरस की हैं. अम्मा के बेटे उन्हें अपने साथ नहीं रखते हैं, इसलिए अपना जीवनयापन के लिए अम्मा रोटियां बेंचती हैं.

रोटी वाली अम्मा की दुकान पर उमड़ी लोगों की भीड़

आगरा. ताज के शहर आगरा (Agra) के सेंट जोंस चौराहे के पास एमजी रोड पर रोटी वाली अम्मा (Roti Wali Amma) की खबर न्यूज 18 पर चलने के बाद लोग अब अम्मा के हाथों बनी चूल्हे की रोटी का स्वाद चखने आने लगे हैं. दो दिन पहले तक एक भी रोटियां ना बिकने से हैरान परेशान अम्मा के लिए नई सुबह उम्मीदों वाली रही, सुबह के दो घंटे में ही अम्मा ने चार सौ  रुपये की बिक्री की. आगरावालों ने जब अम्मा की सुध ली तो उनके होठों पर मुस्कान आ गयी.


15 साल से बेच रही हैं रोटियां


15 साल से सेंट जोंस चौराहे पर चूल्हे की सोंधी रोटियां बेंचकर गुजारा करने वाली भगवान देवी शहर में रोटी वाली अम्मा के नाम से मशहूर हैं. रोटी वाली अम्मा 80 बरस की हैं. अम्मा के बेटे उन्हें अपने साथ  नहीं रखते हैं, इसलिए अपना जीवनयापन के लिए अम्मा रोटियां बेंचती हैं. दस रुपये में अम्मा की दुकान पर एक प्लेट चावल दाल मिल जाती है, जबकि 20 रुपये में चार रोटियों के साथ दो सब्जियां मिलती हैं. 24 घंटे पहले तक रोटी वाली अम्मा की दुकानदारी दस-बीस रुपये की भी मुश्किल से होती थी, लेकिन अब उम्मीद की किरण जागी है,


दो घंटे में ही 400 की बिक्री


न्यूज 18 की टीम जब रोटी वाली अम्मा के पास पहुंची तो वह खुश नजर आ रही थीं. रोटी वाली अम्मा ने कहा कि दो घंटे में ही उनकी चार सौ रुपये से अधिक की रोटियां बिक चुकी हैं. देसी अंदाज से बनी चूल्हे की रोटियां कार वाले भी आकर पैक करा रहे हैं. न्यूज 18 की खबर के बाद अम्मा के चेहरे पर एक बार फिर चमक दिखाई देने लगी है. कई लोग तो ऐसे  हैं जो वर्षों से सुबह और शाम अम्मा के हाथों की रोटियां ही खाते हैं. लेकिन कोरोना काल में सबकुछ खत्म सा हो गया था. अब पुराने ग्राहकों के साथ-साथ नये ग्राहकों को भी अम्मा की देसी अंदाज वाली रोटियां और जायकेदार सब्जी खूब पसंद आ रही है.

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