Home / News / uttar-pradesh /

bulldozer campaign stopped in etawah after protests by traders nodss

गुस्से में आए व्यापारी, कहा- हो रहा पक्षपात, लग गया बुलडोजर अभियान पर ब्रेक

इटावा में व्यापारियों ने प्रशासन और नगर पालिका पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया और अतिक्रमण हटाने के अभियान का विरोध किया.

इटावा में व्यापारियों ने प्रशासन और नगर पालिका पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया और अतिक्रमण हटाने के अभियान का विरोध किया.

व्यापारियों के विरोध के बाद खानापूर्ति करते नजर आए प्रशासनिक अधिकारी, अब अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान निकाला, वहीं व्यापारियों ने कहा ये केवल छोटे व्यापारियों के उत्पीड़न का तरीका.

इटावा. जिले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अवैध अतिक्रमणधारियों के खिलाफ चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान पर ब्रेक लग गया है. ब्रेक लगाने के पीछे व्यापार मंडल का मुखर विरोध करना बताया जा रहा है. पिछले दिनों से अतिक्रमण विरोधी अभियान के चलते व्यापारी संगठनों में जिला प्रशासन व नगर पालिका के खिलाफ आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. इसका कारण है कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान जो कार्यवाही हो रही है उस पर सभी भेदभाव व पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं.

गौरतलब है कि इटावा में नौरंगाबाद पुलिस चौकी के पास से अभियान की शुरुआत होनी थी. लाव लश्कर के प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में जुटे थे. नौरंगाबाद पुलिस चौकी के सामने एक दूध की दुकान पर जैसे ही जेसीबी के जरिए चबूतरा तोड़ा गया तो हंगामा शुरू हो गया. व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए और दुकानदार ने भी इसका विरोध किया. उसका कहना था कि जब वह स्वयं ही चबूतरा तोड़ रहा था तो फिर जेसीबी के जरिए उसका नुकसान क्यों किया गया. इसके बाद केवल 5 मिनट में ही पूरे नौरंगाबाद क्षेत्र का भ्रमण करते हुए अधिकारी नौरंगाबाद चौराहा पहुंच गए. जिसके बाद इस दौरान एक पटिया भी नहीं तोड़ी गई और यहां से अभियान सीधे नया शहर चौराहा पहुंच गया. 9 मिनट में 1 किलोमीटर से अधिक का दायरा केवल प्रशासनिक अधिकारियों के पैदल चलने से अतिक्रमण मुक्त मान लिया गया.


उसके बाद नया शहर चौराहे पर भी स्थिति अन्य दिनों से अलग रही. यहां एक नाले की पुलिया तोड़कर अभियान को खत्म मान लिया गया. हालांकि अधिकारियों ने चौधरी पेट्रोल पंप तक अभियान चलाया. व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने नगर पालिका की ओर से चलाये जा रहे अतिक्रमण अभियान को दिशाहीन बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि ये केवल छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष को ईओ व सभासदों के साथ बाजारों में घूमकर दुकानदारों को अपने मानक बताने चाहिए.

आपके शहर से (इटावा)

Jhansi News: किसान ने खेत में लगाई फांसी, सुसाइड नोट में बताई चौंकाने वाली वजह

नोएडा में अब कोरियाई रेस्टोरेंट का भंडाफोड़, यहां आते-जाते थे संदिग्ध चीनी नागरिक

Ayodhya: 5 माह की गर्भवती शिक्षिका सुप्रिया हत्याकांड का खुलासा, आरोपी निकला नाबालिग प्रेमी

UP: सीतापुर में आकाशीय बिजली गिरने से दंपति समेत 4 लोगों की मौत, 8 झुलसे

नोएडा: पहले प्रेमिका को कमरे में किया बंद और खुद फांसी पर झूल गया युवक, जांच में जुटी पुलिस

हरदोई में 11वीं के छात्र ने गोली मारकर की आत्महत्या, परिजन बोले- डिप्रेशन का था शिकार

नूपुर शर्मा के बचाव में आए अयोध्या के संत, कहा- सुप्रीम कोर्ट को फैसले पर करना चाहिए पुनर्विचार

ऑटो ट्रैक्टर्स लिमिटेड कर्मचारियों को हाईकोर्ट से मिली राहत, सरकार चुकाएगी 67.92 करोड़

ग्रेटर नोएडा में युवक ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, आरोपी गिरफ्तार

UP में महिला ने 4-4 हाथ- पैर वाली बच्ची को दिया जन्म, डॉक्टर्स भी रह गए हैरान

आगरा में गल्ला व्यापारी और पत्नी की हत्या से मचा हड़कंप, घटना के बाद बाजार बंद


अभियान के विरोध और तोड़फोड़ से बचने के लिए पालिका को जुर्माने की कार्रवाई याद आई है. यही कारण है कि अतिक्रमण करने वाले अथवा अतिक्रमण अभियान चलने के बाद दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर अलग अलग तरह का जुर्माना लगाने की तैयारी हो रही है. अधिशासी अधिकारी विनय मणि त्रिपाठी ने बताया कि पालिका की टीमों का गठन किया जा रहा है जो सुबह व शाम नियमित तौर पर दुकानदारों का चालन करेंगे. शहर में बीते 11 साल से कोई अतिक्रमण विरोधी अभियान नहीं चला लिहाजा जाम की स्थिति के चलते इस अभियान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक व्यवस्था में होने वाले पक्षपात के चलते अब अभियान का विरोध होने लगा है.

Tags:Etawah news, UP news