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engineers working in in uprnn department for 35 years are not getting promotion in up

UP: प्रमोशन के इंतजार में कहीं मौत तो कहीं रिटायर हो रहे इंजीनियर, मिल रही तो केवल तारीख

यूपी: 35 साल की नौकरी में यूपीआरएनएन के इंजीनियरों को नहीं मिला प्रमोशन

यूपी: 35 साल की नौकरी में यूपीआरएनएन के इंजीनियरों को नहीं मिला प्रमोशन

यूपी में 35 साल की नौकरी में यूपीआरएनएन के इंजीनियरों को प्रमोशन नहीं मिल पाया है. प्रमुख सचिव लोक निर्माण को इंजीनियरों के प्रमोशन करने हैं, मगर अब तक ऐसा नहीं हुआ है. यही वजह है कि अब इंजीनियर आंदोलन की तैयारियों में जुट चुके हैं.

रिपोर्ट: संकेत मिश्र

लखनऊ: यूपी में निर्माण निगम एक ऐसा निगम है, जहां सरकार के आदेश के बावजूद 35 साल विभाग में काम करने वाले इंजीनियरों को प्रमोशन नहीं मिल रहा है. निगम की तरफ से कई बार अफसरों को लिखा गया कि इन इंजीनियरों का प्रमोशन जायज है, योगी सरकार के महाधिवक्ता ने विभाग को लिखित राय दी कि इन इंजीनियरों का प्रमोशन वाजिब है, इन्हें प्रमोट करना चाहिए. इसके बाबजूद पीडब्ल्यूडी में शासन स्तर पर बैठे अफसर रोड़ा लगाने में जुटे हैं. यह प्रमोशन प्रमुख सचिव लोकनिर्माण स्तर से होने हैं. प्रमुख सचिव कैंप की ढिलाई की वजह से पहले तबादलों में विभाग की किरकिरी हो गई, अब उन्हीं के कैंप की वजह से विभाग के खिलाफ ही इंजिनियरों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है.

प्रमोशन के इंतजार में सैकड़ों इंजीनियर रिटायर हो गए तो कई की मौत हो गई. अब जो इंजीनियर निगम में कार्य कर रहे हैं, उन्होंने पूरी तरह आंदोलन का मन बना लिया है. इंजिनियरों की समस्या पर यूपी के मुख्य सचिव और विभागीय मंत्री जितिन प्रसाद ने निगम प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी है. यूपीआरएनएन में तैनात सौ से ज्यादा ऐसे इंजीनियर हैं, जो वर्षों तक निगम में सेवा देते रहे, फिर बिना प्रमोशन प्राप्त किए रिटायर हो गए. वहीं कई इंजीनियरों की प्रमोशन की लड़ाई लड़ते हुए मृत्यु हो गई. वहीं अब जो इंजीनियर सेवा में हैं, उन्होंने मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र को पूरे मामले से अवगत कराया है.


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इन इंजीनियरों ने यह भी कहा कि ना कोई कामकाज में लापरवाही का आरोप अभियंताओं पर है, ना ही कोई कानूनी पेचीदगी, जबकि इन इंजीनियरों के प्रमोशन के संबंध में यूपी सरकार के महाधिवक्ता से कानूनी राय ली गई, जिसमें सीधे तौर पर लिखा गया कि प्रमोशन होना जायज है, कोई कानूनी बाधा नहीं है. इसके बावजूद निर्माण निगम के प्रबंधन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है.

मुख्य सचिव ने भी जताई है नाराजगी
मुख्य सचिव ने लिखा कि अधिकारी अपना प्रमोशन कर रहे लेकिन अधीनस्थों का नहीं. मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने विभागों को निर्देशित किया है कि सभी विभागों में सितंबर तक प्रमोशन कर दिए जाएं. दुर्गा शंकर ने यह भी कहा कि कई बार देखा गया है कि अधिकारी अपना एक भी प्रमोशन का हक नहीं छोड़ते हैं लेकिन अधीनस्थों के प्रमोशन में लापरवाही बरत रहे हैं. निर्माण निगम के डिप्लोमा इंजीनियर्स समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य सचिव से पूरे मामले को लेकर शिकायत की है. वहीं विभागीय मंत्री जितिन प्रसाद से इंजीनियरों ने मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया है, मंत्री ने इस संबंध में निर्माण निगम प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी है.

आंदोलन के मूड में इंजीनियर
इंजिनियरों में मैनेजमेंट सिस्टम को लेकर काफी नाराजगी है. संघ के महामंत्री एसडी द्विवेदी बताते हैं कि दशकों से विभाग हित में लगातार कार्य किया जा रहा है. किसी तरह की कार्य में लापरवाही का कोई दोष नहीं है. यूपी सरकार के महाधिवक्ता ने राय दी कि प्रमोशन होना चाहिए. विभाग ने शासन को तीन बार लिखा लेकिन कोई कर्रवाई नहीं हुई. ऐसे में इंजीनियरों ने आंदोलन का मन बना लिया है.

निगम अपने इंजीनियर की प्रमोशन नहीं कर रहा और दूसरे विभागों से ले रहा काम
निर्माण निगम प्रबंधन अपने इंजीनियरों की प्रमोशन कर नहीं रहा है और उन्हीं पदों पर दूसरे विभागों के इंजीनियर डेपुटेशन पर लेकर काम करा रहा है. संघ के अध्यक्ष फिरोज मिर्जा का कहना है कि निर्माण निगम वेतन पर दोगुना खर्च कर रहा है. इधर दूसरे इंजीनियरों को वेतन दे रहा और अपने इंजीनियर होते हुए बेवजह डेपुटेशन पर इंजीनियरों को तैनाती देकर वेतन दे रहे हैं. वहीं अगर निर्माण निगम के इंजीनियरों को प्रमोशन मिलती तो निगम के पास अपने ही चीफ इंजीनियर स्तर के इंजीनियर होते.

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