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construction work of 100 bed trauma center will start from july after remove of land dispute in jewar near yamuna expressway dlnh

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे ट्रामा सेंटर बनने का रास्ता हुआ साफ, जानें कहां बनेगा

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे ट्रॉमा सेंटर बनने की सभी अड़चन दूर हो गई हैं. 100 बेड के इस ट्रॉमा सेंटर को यूपी सरकार बनवाएगी. Demo Pic

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे ट्रॉमा सेंटर बनने की सभी अड़चन दूर हो गई हैं. 100 बेड के इस ट्रॉमा सेंटर को यूपी सरकार बनवाएगी. Demo Pic

जल्द ही यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) के किनारे ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) का निर्माण शुरु हो जाएगा. यह 100 बेड का ट्रॉमा सेंटर होगा. इसके बनने से एक्सप्रेस वे पर होने वाले एक्सीडेंट (Accident) के चलते हो रहीं मौतों के आंकड़ों में कमी आएगी. वहीं आसपास रहने वाले गांव के लोगों को यहां फ्री में इलाज मिलेगा. जेवर (Jewar) विधायक की ओर से जुलाई में ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू करने का दावा किया जा रहा है. वहीं जुलाई 2023 तक ट्रामा सेंटर का काम पूरा कर लिया जाएगा. चर्चा है कि एक और प्राइवेट ट्रॉमा सेंटर एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा.

नोएडा. यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) के किनारे ट्रॉमा सेंटर बनने की सभी अड़चन दूर हो गई हैं. 100 बेड के इस ट्रॉमा सेंटर को यूपी सरकार (UP Government) बनवाएगी. इसके लिए सरकार 45 करोड़ रुपये दे रही है. जमीन यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) देगी. ट्रॉमा सेंटर के लिए जेवर के सेक्टर-22 ई के किसान जमीन देने को तैयार हो गए हैं. गौरतलब रहे पहले इसी जमीन को लेकर कई पेंच फंस गए थे. किसान जमीन देने के लिए राजी नहीं हो रहे हैं. ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) बनने से जेवर और उसके आसपास के लोगों को खासा फायदा मिलेगा. इसके साथ यमुना एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट (Accident) में घायल होने वालों को भी जल्द इलाज मिल सकेगा.

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे इसलिए बनाया जा रहा है ट्रामा सेंटर 

बीजेपी विधायक धीरेन्द्र सिंह का कहना है कि जेवर और उसके आसपास बहुत तेजी से रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल डवलपमेंट हो रहा है. इंटरनेशनल जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी भी बन रही है. ऐसे में इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत भी होगी. यमुना एक्सप्रेसवे पर भी हर रोज छोटे या बड़े एक्सीडेंट होते हैं. एक्सीडेंट में बहुत से लोगों की जान तो सिर्फ इसलिए ही चली जाती है कि वक्त रहते उन्हें इलाज नहीं मिल पाता है.


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एक्सप्रेसवे जेवर, मथुरा और आगरा को जोड़ता है. लेकिन उसके किनारे कोई अस्पताल नहीं है. खासतौर से इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रॉमा सेंटर की मांग की गई थी. हालांकि नियमों के मुताबिक जेपी कंपनी को एक्सप्रेसवे के किनारे अस्पताल का निर्माण कराना था, लेकिन उसने नोएडा में अंदर जाकर अपना अस्पताल बनाया, जिसका फायदा एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट का शिकार होने वाले लोगों को नहीं मिल पाता है.

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डराते हैं यमुना एक्सप्रेसवे पर होने वाले एक्सीडेंट के आंकड़े

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केसी जैन को आरटीआई से मिले जवाब के मुताबिक यमुना एक्सप्रेस वे पर जनवरी 2017 तक करीब 4505 हादसे हुए, जिसमें करीब 626 लोगों की मौत हो चुकी है. साल दर साल यहां पर होने वाले हादसों में तेजी देखने को मिल रही है. 2015 की तुलना में एक्सप्रेस वे पर 2016 में 30 फीसद हादसे ज्यादा हुए थे. 2016 में एक्सप्रेसवे पर करीब 1193 एक्सीडेंट की घटनाएं हुईं थीं. इनमें करीब 128 लोगों की मौत हुई थी. वहीं 2015 में यहां 919 हादसे हुए थे जिसमें 143 लोगों की मौत हो गई थी.

2013 की बात करें तो यहां 896 हादसे हुए जिसमें 118 लोगों की मौत हो गई थी. 2014 में इस एक्सप्रेस वे पर 771 हादसे हादसे हुए जिसमें 127 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था. अगस्त 2012 में जब इस एक्सप्रेस को जनता के सुपुर्द किया गया था तब ही यहां दिसंबर 2012 तक करीब 294 हादसे हुए थे जिसमें 33 लोगों की जान चली गई थी.

जल्द ही 6 से 12 हो जाएगी एम्बुलेंस की संख्या

नोएडा से लेकर आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे पर अभी एम्बुलेंस की संख्या सिर्फ 6 है. लेकिन नए प्लान के तहत एम्बुलेंस की संख्या 6 से बढ़ाकर अब 12 की जाएंगी. जिससे एक्सीडेंट में घायल होने वालों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके. वहीं जल्द ही एक्सप्रेसवे पर 14 की जगह 28 पीसीआर पेट्रोलिंग करेंगी. इससे घायलों को बड़ी मदद मिलेगी. इतना ही नहीं एक्सप्रेसवे की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 4 नए पुलिस स्टेशन भी खोले जा रहे हैं. सभी नए पुलिस स्टेशन गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे खोले जाएंगे.

Tags:BJP MLA, Hospital, Yamuna Authority, Yamuna Expressway