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UP Election 2022: मैनपुरी की करहल क्यों बनी VIP सीट, यहां किसकी चल रही लहर, जानें सारे समीकरण

UP Election 2022: मैनपुरी की करहल क्यों बनी VIP सीट, यहां किसकी चल रही लहर, जानें सारे समीकरण

करहल का जैन इंटर कॉलेज जहां मुलायम सिंह यादव ने दो दशकों तक अध्यापक रहे.

करहल का जैन इंटर कॉलेज जहां मुलायम सिंह यादव ने दो दशकों तक अध्यापक रहे.

Akhilesh Yadav Karhal Seat Ground Report: मैनपुरी (Mainpuri) जिले की करहल (Karhal) सबसे बड़ी वीआईपी सीट (VIP seat) बन गई है, क्योंकि यहां से पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. मैनपुरी अखिलेश यादव के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) का गढ़ है. तीन दशक से यहां मुलायम सिंह यादव का एकछत्र राज है, जो संभवतः आज भी कायम है. चुनावी आबोहवा में यहां आज भी मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव की लहर चल रही है. अखिलेश यादव के लिए इससे अच्छी सुरक्षित सीट कोई नहीं हो सकती.

नई दिल्ली. यूपी के चुनावी महासंग्राम (UP Election 2022) में इस बार मैनपुरी (Mainpuri) जिले की करहल (Karhal) सबसे बड़ी वीआईपी सीट (VIP seat) बन गई है, क्योंकि यहां से पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. मैनपुरी अखिलेश यादव के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) का गढ़ है. तीन दशक से यहां मुलायम सिंह यादव का एकछत्र राज है, जो संभवतः आज भी कायम है. चुनावी आबोहवा में यहां आज भी मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव की बयार चल रही है. अखिलेश यादव के लिए इससे अच्छी सुरक्षित सीट कोई नहीं हो सकती. यहां समाजवादी पार्टी के समर्थकों की कमी नहीं है. News18 ने इस सीट पर ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए यह जानने की कोशिश की है कि यहां राजनीति की हवा किस ओर बह रही है.

‘बंपर जीत होगी’करहल के मुख्य बाजार में सपा के एक उत्साही कार्यकर्ता सैय्यद इमरान हाशमी ने जोश के साथ बताया कि अखिलेश यादव को यहां प्रचार के लिए आने की जरूरत भी नहीं है. उन्हें जिताने के लिए हम लोग काफी है. अगर उनके पास समय है तो वे आ सकते हैं, नहीं तो हम लोग मैनेज कर लेंगे. बाजार के सामने ही जैन इंटर कॉलेज है, जहां मुलायम सिंह यादव ने पांच साल तक पढ़ाई की और दो दशक तक इस कॉलेज में पढ़ाया. यहां के प्रिंसिपल की इच्छा है कि अखिलेश यादव 31 जनवरी को यहां से जिला समाहरणालय नामांकन के लिए जाएं. एक सपा नेता ने बताया कि यहां एकतरफा मामला है. यहां से अखिलेश यादव की बंपर जीत होगी.

दो दशक तक मुलायम का यहां के कॉलेज से संबंधकरहल मैनपुरी जिले में पड़ता है. मुलायम सिंह यादव लंबे समय तक मैनपुरी से सांसद रहे हैं. जैन इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल युद्धवीर नारायण दुबे बड़े उत्साह के साथ न्यूज18 की टीम को उस क्लासरूम की ओर ले जाते हैं, जहां मुलायम सिंह यादव राजनीति शास्त्र पढ़ाया करते थे. उन्होंने कागज दिखाते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव 1955 में इस कॉलेज में 9वीं कक्षा में दाखिला लिए थे. 1963 में वे पास आउट हुए 1963 में ही वे यहां शिक्षक के रूप में वापस आ गए. इसके बाद 1984 में उन्होंने यहां से इस्तीफा दे दिया लेकिन मन और दिल हमेशा यहां के लिए धड़कता रहा. वे अभी भी पूछते रहते हैं कि कॉलेज कैसा चल रहा है.


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सौ सीटों पर फायदे का दावासपा के जिला सचिव सन्नी यादव ने बताया कि अखिलेश यहां 1.5 लाख से ज्यादा वोटों से जीतेंगे. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम होगा. सन्नी यादव को भरोसा है कि अखिलेश के यहां से चुनाव लड़ने से आसपास की 100 सीटों पर फायदा होगा. फिरोजबाद, फर्रुखाबाद, एटा, इटावा, कन्नौज जिले में इसका सीधा फायदा सपा को होगा. जैन इंटर कॉलेज के मैनेजर धरनीधर जैन ने बताया कि नेताजी के कारण पहले भी यह सीट वीआईपी थी और अब अखिलेश के यहां से लड़ने के कारण यह सबसे बड़ी वीआईपी सीट हो गई है.

तीन दशक तक मुलायम का वर्चस्व करहल में यादव समुदाय की संख्या सबसे अधिक है. तीन दशक तक यहां मुलायम सिंह यादव का वर्चस्व रहा है. सन्नी बताते हैं कि उनके परिवार के दादा चौधरी नाथ सिंह मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक गुरु थे. 1967 में नेताजी के लिए चौधरी ने यह सीट छोड़ दी. चौधरी ने नेताजी में पहलवानी का गुण देखा और चरखा दांव सिखाया. करहल मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई से महज 10 मिनट की दूरी पर है. हालांकि स्थानीय लोगों ने यहां बेरोजगारी, आवारा पशु का मुद्दा उठाया लेकिन अधिकांश लोगों ने सपा को वोट देने की बात कही.