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उत्तराखंड: लिपुलेख में झंडा फहराने जा रहे थे नेपाली युवा, अपनों का ही झेलना पड़ा विरोध

सीमावर्ती दुमलिंग गांव (Dumling Village) के लोगों का मानना है कि भारत-नेपाल के बीच सदियों से संबंध रहे हैं. ऐसे में इस तरह की यात्रा से दोनों मुल्कों के रिश्तों में कड़वाहट पैदा होगी.

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  • Filed by :विजय वर्धन उप्रेती
बिष्ट ने ग्रामीणों पर लाठी-डंडों से हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है.
बिष्ट ने ग्रामीणों पर लाठी-डंडों से हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है.

पिथौरागढ़. भारत की ओर से चीन सीमा के समीप लिपुलेख (Lipulekh) तक सड़क बनाने की प्रक्रिया के बाद आए दिन नेपाल (Nepal) में कुछ न कुछ ऐसा हो रहा है, जो सुर्खियों में है. 18 मई को नेपाल के नेत्रचन्द विप्लव पार्टी (NetraChand Viplav Party) के युवा समर्थकों ने लिपुलेख में झंडा फहराने के लिए यात्रा निकाली थी. यात्रा उस वक़्त भारी पड़ गई जब नेपाली नागरिकों ने ही उनका विरोध कर डाला. असल में 8 युवाओं का ये दल जीवन बिष्ट की अगुवाई में नेपाल के लेकम गांव पालिका से लिपुलेख के लिए निकला था. यह दल लिपुलेख में झंडा फहराकर भारतीय जमीन पर अपने दावे को पेश करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इनके मंसूबों को इन्हीं के लोगों ने पलीता लगा डाला.

तीन दिन के पैदल अभियान के बाद जब यह दल दुमलिंग गांव पहुंचा तो वहां के लोगों ने इन्हें समझा कर वापस जाने की सलाह दी. लेकिन, युवाओं का दल अपनी जिद पर अड़ा रह, जिसके चलते ग्रामीणों और दल के सदस्यों के बीच हाथपाई भी हो गई. आखिरकार दल के सभी सदस्यों को ग्रामीणों की जिद के आगे झुकते हुए वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा. दल के लीडर जीवन बिष्ट ने तो ग्रामीणों पर हमला करने का भी आरोप लगाया है. बिष्ट ने ग्रामीणों पर लाठी-डंडों से हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है.

भारत-नेपाल के बीच सदियों से हैं संबंध

असल में दुमलिंग गांव के लोगों का मानना है कि भारत-नेपाल के बीच सदियों से संबंध रहे हैं. ऐसे में इस तरह की यात्रा से दोनों मुल्कों के रिश्तों में कड़वाहट पैदा होगी, जिसका खमियाजा लंबे समय तक बॉर्डर पर रहने वाले नेपालियों को भुगतना पड़ेगा. यही नहीं, ग्रामीणों का यह भी मानना है कि ऐसी विवादास्पद यात्रियों से दुमलिंग के आगे हो रहे विकास कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं. लिपुलेख सड़क का उद्घाटन होने के बाद पहले नेपाल सरकार ने कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख पर दावा जताते हुए भारत पर विस्तारवादी नीतियों को अपनाने का आरोप लगाया था. उसके बाद नया नक्शा तैयार कर इन तीनों भारतीय इलाकों को अपना भू-भाग बताया है.

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Tags: Dehradun news, India nepal, Uttarakhand news

FIRST PUBLISHED : May 22, 2020, 06:05 IST
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