Home / News / world /

अमेरिकी अस्पताल का हिस्सा बने भारतीय मूल के अमित कपूर

अमेरिकी अस्पताल का हिस्सा बने भारतीय मूल के अमित कपूर

डॉ. कपूर की लैब मनुष्यों और जानवरों को संक्रमित करने वाले कई वायरल रोगजनकों के इम्युनोपैथोजेनेसिस को समझने के लिए काम कर रही है.

डॉ. कपूर की लैब मनुष्यों और जानवरों को संक्रमित करने वाले कई वायरल रोगजनकों के इम्युनोपैथोजेनेसिस को समझने के लिए काम कर रही है.

डॉ. कपूर के पिछले प्रमुख कार्यों पर नजर डालें तो उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नए और उभरते हुए वायरस की खोज पर ध्यान केंद्रित किया था. नेचर कम्युनिकेशंस और PLOS Pathogens में प्रकाशित हालिया अध्ययनों में डॉ. कपूर और उनके सहयोगियों ने रोडेंट हेपेसिवायरस (आरएचवी) से संक्रमित चूहों में टीके की प्रभावकारिता की जांच की थी.

वॉशिंगटन. अमेरिका के नेशनवाइड चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के सेंटर फॉर वैक्सीन और इम्युनिटी में एक प्रमुख इन्वेस्टिगेटर के रूप में भारतीय मूल के पीएचडी अमित कपूर शामिल हुए हैं. वह 2015 में ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में बतौर बाल रोग के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में शामिल हुए. डॉ. कपूर की लैब मनुष्यों और जानवरों को संक्रमित करने वाले कई वायरल रोगजनकों के इम्युनोपैथोजेनेसिस को समझने के लिए काम कर रही है.

नए वायरसों के एक्सपर्ट हैं अमित कपूर
डॉ. कपूर के पिछले प्रमुख कार्यों पर नजर डालें तो उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नए और उभरते हुए वायरस की खोज पर ध्यान केंद्रित किया था. नेचर कम्युनिकेशंस और PLOS Pathogens में प्रकाशित हालिया अध्ययनों में डॉ. कपूर और उनके सहयोगियों ने रोडेंट हेपेसिवायरस (आरएचवी) से संक्रमित चूहों में टीके की प्रभावकारिता की जांच की थी.

प्रयोग के लिए विकसित कर रहे पशु मॉडल
यह वायरस हेपेटाइटिस सी (एचसीवी) का रोडेंट होमोलॉग है, जिसकी खोज डॉ कपूर ने की थी. शोध से पता चलता है कि आरएचवी के खिलाफ एडेनोवायरस वेक्टर वैक्सीन चूहों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान कर सकती है. डॉ. कपूर का मानना है कि सबसे टिकाऊ टीकाकरण वे होंगे जो मजबूत टी-सेल प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं. उनकी लैब वायरस का अध्ययन करने और संक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक प्रतिरक्षा को समझने के लिए नए पशु मॉडल विकसित कर रही है. (एजेंसी इनपुट)

Tags:Covid vaccine