'लोन की ईएमआई ना चुका पाने पर ‘यौन संबंध’ बनाने, किडनी बेचने को किया जाता है मजबूर'

विशेषज्ञ ने कहा कि ऐसे मामले भी सामने आएं हैं जिसमें उधार लेने वालों ने ऋण चुकाने के लिए अपनी किडनी बेचने की कोशिश भी की.

news18 hindi , भाषा
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञ ने मंगलवार को कहा कि श्रीलंका में ईएमआई (मासिक किश्त) दे पाने में अक्षम गरीब महिलाएं अक्सर निजी ऋणदाताओं के साथ ‘यौन संबंध’ बनाने को मजबूर हो जाती हैं. मानवाधिकारों पर आर्थिक नीतियों एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रभाव के संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र विशेषज्ञ जुआन पोबलो बोहोस्लावस्की ने कहा, ‘उन्हें ऐसे मामलों की भी जानकारी मिली है जिसमें ऋण के जाल में फंसे गरीब लोग ऋण देने के लिए अपनी किडनी बेचने की कोशिश भी करते हैं.’बोहोस्लावस्की ने यह चौंकाने वाले दावे करते हुए श्रीलंका सरकार से अपने नागरिक अधिकारों पर अपनी नीतियों एवं परियोजनाओं के अनिवार्य मूल्यांकन के लिए मजबूत कानून लागू करने और उन्हें निजी ऋणदाताओं के जाल से बचाने की अपील की.बोहोस्लावस्की ने कहा, ‘मैंने पाया कि अधिकतर कर्ज लेने वालों में, सूक्ष्म वित्त कर्जदाता, युद्ध पीड़ित, गरीब महिलाओं को विशेषकर निशाना बनाते हैं. यह अपने ऋण पर 220 प्रतिशत ब्याज वसूलते हैं और चक्रवृद्धि ब्याज भी लगाते हैं.’बोहोस्लावस्की ने कहा, ‘कभी-कभी महिलाएं इनके हाथों मनोवैज्ञानिक और शारीरिक हिंसा का भी शिकार होती हैं और मैंने पाया कि कई मामलों में कर्जदाता उन्हें बकाया किस्त के बदले उनके साथ ‘यौन संबंध’ बनाने को भी मजबूर करते हैं.’ विशेषज्ञ ने कहा कि ऐसे मामले भी सामने आएं हैं जिसमें उधार लेने वालों ने ऋण चुकाने के लिए अपनी किडनी बेचने की कोशिश भी की.

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