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News18 हिंदी | Last Updated:September 29, 2022, 21:29 IST

Success Story: इंजीनियर से IAS बने फैजान अहमद, पूरा किया दादा-दादी का सपना

Success Story, IAS Faizan Ahmed: तेलंगाना के सिद्दिपेट में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर कार्यरत आईएएस फैजान अहमद ने साल 2020 की यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में 58वीं रैंक हासिल की थी (IAS Faizan Ahmed Rank). यह उनका दूसरा प्रयास था. आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) बनकर उन्होंने अपने दादी-दादा का सपना पूरा किया था. उनके घर पर हमेशा से पढ़ाई-लिखाई का माहौल रहा था. जानिए कोटा के रहने वाले इंजीनियरिंग ग्रेजुएट फैजान अहमद आईएएस ऑफिसर कैसे बने (IAS Faizan Ahmed Success Story).

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IAS Faizan Ahmed Family: आईएएस फैजान अहमद मध्य प्रदेश के कोटा के रहने वाले हैं. उनके पिता अहसान अहमद रेलवे में नौकरी करते हैं (Railway Job). वह स्टेशन मास्टर हैं. उनकी मां शाहिदा बानो साइंस ग्रेजुएट हैं. फैजान तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं. उनकी बहन कोटा मेडिकल कॉलेज (Kota Medical College) से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं और छोटा भाई हिस्ट्री में एमए (MA In History) कर रहे हैं.

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IAS Faizan Ahmed Education: फैजान अहमद ने अपनी शुरुआती पढ़ाई कोटा के ही एक स्कूल से की है. साल 2018 में उन्होंने राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की थी. ग्रेजुएशन के दौरान उनका झुकाव सिविल सर्विस की तरफ हो गया था. उनके दादा-दादी चाहते थे कि वह समाज में बदलाव लाने के लिए कुछ करें. तभी उनके सीनियर्स और दोस्तों ने उन्हें यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी थी.

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IAS Faizan Ahmed UPSC: आईएएस फैजान अहमद ने हैदराबाद में MS IAS Academy में रहकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की थी. वहां मुफ्त में तैयारी करवाई जाती है. लेकिन साल 2019 के पहले प्रयास में वह यूपीएससी प्री परीक्षा भी क्लियर नहीं कर पाए थे. इसके बाद वह दिल्ली आ गए थे. यहां जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (Residential Coaching Academy, Jamia Milia Islamia) में रहकर रेजिडेंशल कोचिंग अटेंड की.

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IAS Faizan Ahmed Rank: अपनी असफलता से सबक लेकर फैजान अहमद ने दोगुनी मेहनत से तैयारी शुरू कर दी. फिर साल 2020 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 58वीं रैंक हासिल की. फैजान अपनी कामयाबी का श्रेय अपने दोस्तों को भी देते हैं. वह रोजाना 9 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे. हर दो घंटे में 15 से 20 मिनट का गैप लेते थे. कोरोना काल में जब सभी लोग घरों में कैद थे, तब वह दोस्तों से वीडियो कॉल व चैट के जरिए संपर्क में थे. उनके दोस्त उन्हें हर समय मोटिवेट करते रहे.

First Published:September 26, 2022, 07:00 IST

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