PHOTOS: CM बनने के बाद पहली बार मंडी कॉलेज पहुंचे जयराम, छलकीं आंखें

सीएम जयराम ठाकुर मंडी कॉलेज में पढ़े हैं. यहीं से उनकी छात्र राजनीति की शुरुआत हुई थी.

Virender Bhardwaj , News18 Himachal Pradesh
सीएम बनने के बाद जयराम ठाकुर पहली बार वल्लभ कालेज मंडी पहुंचे. मौका था कालेज के प्लेटिनम जुबली समारोह का. इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर की आंखें छलक आई और उन्होंने पत्नी संग नाटी (डांस) भी डाली. जयराम ठाकुर खुद इसी कालेज में पढ़े हैं और यहीं से उनकी छात्र राजनीति की शुरुआत हुई थी. इसलिए जब जयराम ठाकुर कालेज समारोह में बोलने लगे तो उनका गला भर आया.
जयराम ठाकुर ने कहा कि आज उनका बोलने का मन नहीं था, सिर्फ सुनने का था, लेकिन उन्हें बोलने जैसे मुश्किल काम को करना पड़ रहा है. जयराम ठाकुर ने बताया कि दसवीं के बाद उन्हें दो वर्षों तक परिवार वालों ने कॉलेज नहीं भेजा, लेकिन बाद में जैसे-तैसे उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया.
कॉलेज में पहला चुनाव लड़ा और उम्र कम होने के कारण हार गए. फिर भी उन्होंने अपनी हार पर सहयोगियों को टी-पार्टी दी. उन्होंने कहा कि वल्लभ कालेज से पढ़कर निकले स्टूडेंट कई उच्च पदों पर पहुंचे, लेकिन एक कमी थी, जिसे उन्होंने सीएम बनकर पूरा कर दिया. उन्होंने कहा कि आज उनका जीवन टुकड़ों में बंटा हुआ है, क्योंकि जिम्मेवारियां ज्यादा हैं.
जयराम ठाकुर ने कहा कि कॉलेज का दौर सबसे अनमोल दौर होता है और यह दौर फिर कभी लौटकर नहीं आ सकता. उन्होंने कालेज परिसर में मौजूद पीपल के पेड़ का भी जिक्र किया और कहा कि यह पेड़ कई बातों का गवाह है. उन्होंने पेड़ की दीर्घायु होने की कामना भी की.
जयराम ठाकुर ने कालेज के पास मामू की कैंटीन का भी जिक्र किया और बताया कि वह यहां ब्रेड-समोसा खाकर अपनी भूख मिटाते थे और उसका आनंद कुछ और ही होता था. वहीं, दोस्तों के साथ गलगल का मुरब्बा खाना भी उन्हें खूब याद आता है.
सीएम ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एबीवीपी की तरफ से उन्हें नए स्टूडेंटस के दाखिले की जिम्मेवारी दी गई. उन्होंने सभी स्टूडेंटस से फीस ली और शाम 5 बजे के बाद उसे जमा करवाने कलर्क के पास गए. सभी की रसीदें कटवा दी लेकिन जब जेब में हाथ डाला तो पैसे गुम हो चुके थे. ऐसे में उन्होंने दोस्तों से पांच सौ रूपए उधार लिए और उन्हें चुकाने में कई महीने लगे, क्योंकि उस दौर में 500 रुपये काफी बड़ी रकम मानी जाती थी.
जयराम ठाकुर के एक मित्र ने समारोह के दौरान खुलासा किया कि छात्रसंघ चुनावों के दौरान जयराम ठाकुर को लड़कियों के वोट ज्यादा मिलते थे. इस पर जयराम ठाकुर ने मजाकिया अंदाज में जबाव दिया कि वो काफी शरीफ थे और इसे सभी जानते हैं. सीएम की इन बातों से पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा.
जयराम ठाकुर ने एक किस्सा सुनाते हुए बताया कि वे कॉलेज दिनों में व्यक्ति विशेष के नाम तंबोला खेल में इस्तेमाल होने वाली स्टेज के नाम पर रखते थे. किसी को हाई लाइन, बॉटम लाइन, मिडिल लाइन कहते थे, लेकिन यह सब मजाक होता था, जिसमें कभी किसी भी भावना को उन्होंने ठेस नहीं पहुंचाई. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सारी बातें वह एक मुख्यमंत्री के नाते नहीं, बल्कि कॉलेज के पुराने छात्र के नाते कह रहे हैं, क्योंकि कॉलेज के साथ उनके जीवन की अमिट यादें जुड़ी हुई हैं.
समारोह के दौरान एक पल नाटी का भी आया. कॉलेज में पढ़ रहे सराजघाटी के स्टूडेंटस ने नाटी डाली तो सीएम जयराम ठाकुर भी इसमें शामिल हुए. इसमें उनकी धर्मपत्नी डॉ. साधना ठाकुर, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और सांसद राम स्वरूप शर्मा सहित अन्य विधायक भी शामिल हुए.

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