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News18 हिंदी | January 20, 2022, 12:53 IST

पेड़ पर बनाया सपनों का घर, किसी हवामहल से कम नहीं यह Green Tree Hut, देखें PHOTOS

Unique Tree Hut Bikaner Panchu Village: राजस्थान (Rajasthan) के बीकानेर (Bikaner News) के पांचू गांव के फूसाराम नायक ने 15 फीट ऊपर कीकर के पेड़ पर एक शख्स ने अनोखा ट्री हाउस बनाया है. अपने सपने के घर को बनाने में उनको तीन साल का वक्त लगा. इस झोपड़ी में आम घरों की तरह खिड़की, दरवाजे सहित सारी तरह की चीजें हैं. अंदर से इस गोबर से लीपा गया है. यहां 6 लोग आराम से बैठ सकते हैं. विदेशों में ट्री हाउस के फोटो देखकर फूसाराम ने इसे बिल्कुल देसी लुक में तैयार किया है. फूसाराम ने कंटीले कीकर के पेड़ की छंटाई कर उस पर ग्रीन हट बनाया है. ग्रीन हट को अंदर से गोबर से लीपा गया है.

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कीकर के पेड़ का नाम सुनते ही एक ही बात दिमाग में आती है कांटे. खरपतवार में विदेशी बबलू के नाम से जाना जाने वाले इस पेड़ की सूखी टहनियां केवल जलाने के काम आती हैं, बाकी इसका कोई उपयोग नहीं है. लेकिन, राजस्थान के बीकानेर में रहने वाले एक युवक ने एक अनोखा घर बनाया है. पांचू गांव की रोही में रहने वाले फूसाराम नायक ने 15 फीट ऊपर कीकर के पेड़ में एक ग्रीन ट्री हट बनाया है. इस झोपड़ी में आम घरों की तरह खिड़की, दरवाजे सहित सारी तरही की चीजें हैं.

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इस झोपड़ी में आम घरों की तरह खिड़की, दरवाजे सहित सारी तरही की चीजें हैं. इसे गोबर से लीपा गया है. इसके अंदर 6 लोग आराम से बैठ सकते हैं. फूसाराम ने कंटीले कीकर के पेड़ की छंटाई कर उस पर ग्रीन हट बनाया है. अपने इस सपनों के आशियाने को बनाने में उसे तीन साल का वक्त लगा.

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तीन साल पहले फूसाराम ने ट्री हाउस बनाने का काम को शुरू किया. हर रोज सुबह दो घंटे कीकर के पेड़ों की छंटाई करता था. उन्हें झोपड़ीनुमा आकार देने के लिए यह क्रम लगातार चलाया. अब जाकर उसका सपना साकार हुआ.

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पांचू गांव की दक्षिण दिशा की रोही में खेमाराम नायक की ढाणी में एक कीकर का पेड़ बड़ा हो गया. खेमाराम के बेटे फूसाराम ने पांच साल पहले सोचा कि इस पर एक झोपड़ी बनाई जानी चाहिए. विदेशों में ट्री हाउस के फोटो देखकर उसके मन में ऐसे विचार आए.

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15 फीट ऊंची ग्रीन हट को अंदर से गोबर से लीपा गया है. एक बार में 6 लोग उसके अंदर बैठ सकते हैं. झोपड़ी में हवा के लिए खिड़कियां और दरवाजे भी रखे हैं. हवा में यह उड़ ना जाए इसके लिए चारों तरफ से इसे लोहे के तारों से बांधा गया है. यह झोपड़ी अब पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बन गई है.