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News18 हिंदी | January 21, 2022, 19:06 IST

Rajasthan के इन 18 जिलों की बदलने जा रही तस्वीर, इन 4 बड़े प्रोजेक्ट पर सबकी नजर, जानिए सबकुछ

Rajasthan Latest News: राजस्थान में केंद्र सरकार के चार बड़े प्रोजेक्ट आने वाले समय में पूरे प्रदेश की तस्वीर बदलने वाले हैं. ये 4 मेगा प्रोजेक्ट हैं: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway), अमृतसर जामनगर एक्सप्रेस-वे (Amritsar-Jamnagar Expressway) और दिल्ली-अलवर रेल कॉरिडोर (Delhi-Alwar Rail Corridor) और दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Delhi-Ahmedabad Bullet Train). दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और अमृतसर जामनगर एक्सप्रेस-वे पर काम जारी है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की बात करें तो दिल्ली-दौसा फेज का काम जून 2022 तक पूरा भी होने वाला है. यूं तो इन बड़े प्रोजेक्ट का फायदा पूरे प्रदेश को होगा लेकिन राजस्थान के 18 जिलों को जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ उदयपुर, डूंगरपुर, गंगानगर, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर को सीधा फायदा मिलेगा. इतना ही नहीं दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और अमृतसर जामनगर एक्सप्रेस-वे को जोड़ा भी जाएगा. इन प्रोजेक्ट के चलते देश के कई राज्य, देश की 3 बड़ी रिफाइनरी और 3 पोर्ट भी जुड़ेंगे. इन मेगा प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से राजधानियों और प्रमुख शहरों के बीच दूरियां तो कम होंगी ही, इनसे आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ राजस्थान के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

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दिल्ली-अहमदबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट राजस्थान के लिये काफी अहम है. इसकी बड़ी वजह है 875 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक का दो तिहाई हिस्सा यानी 657 किलोमीटर राजस्थान से गुजरेगा. 5 नदियों के ऊपर निकलने वाले इस ट्रैक पर राजस्थान में कुल 9 स्टेशन बनाये जायेंगे. ये 9 स्टेशन राजस्थान के अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ समेत उदयपुर और डूंगरपुर जिले में बनाये जायेंगे. राजस्थान में अब जल्द ही बुलेट ट्रेन की शुरुआत होने वाली है. दिल्ली से अहमदाबाद तक चलने वाली इस ट्रेन की रफ्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. प्रोजेक्ट को शुरू करने की कवायद तेज हो गई है. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही डीपीआर तैयार की जाएगी. बुलेट ट्रेन का सर्वाधिक फायदा राजस्थान को होगा.

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दिल्ली-अलवर के बीच भी रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए 165 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर कुल 16 स्टेशन बनेंगे. 83 किमी हिस्सा हरियाणा, 22 किमी दिल्ली में और 2 किमी ट्रैक का निर्माण राजस्थान में किया जाएगा. रेल कॉरिडोर का 70.5 किमी हिस्सा एलिवेटेड होगा जबकि 36 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड होगा. इस प्रोजेक्ट के बन जाने पर दिल्ली-अलवर का सफर महज 70 मिनट में पूरा हो सकेगा. हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अंतिम मंजूरी का अभी भी इंतजार है.

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस के अलावा, एक और एक्सप्रेसवे पर राजस्थान में तेजी से काम जारी है, वह है अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे. यह एक्सप्रेसवे गंगानगर, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर जिलों से गुजर रहा है. 1224 किमी लंबे इस इकोनोमिक कॉरिडोर का सबसे बड़ा हिस्सा 636 किमी राजस्थान से गुजर रहा है. यह एक्सप्रेसवे अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे पंजाब, हरियाणा, गुजरात को कनेक्ट करेगा. इतना ही नहीं जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख से निर्यात में फायदा भी मिलेगा. यह देश का दूसरा सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे है, जिस पर इंटरचेंज या वे साइट के पास हेलिपैड बनाए जाने हैं. यह एक्सप्रेसवे देश के 7 राज्य, 3 बड़ी रिफाइनरी और 3 पोर्ट को जोड़ेगा..

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नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और जामनगर-अमृतसर इकॉनोमिक कॉरिडोर को आपस में जोड़ने की भी योजना बनाई है. यह योजना परवान चढ़ी तो बाड़मेर से दौसा तक कई जिलों के लाखों लोगों को इन प्रोजेक्ट्स का फायदा होगा. एक नया हाईवे बनाया जाएगा जो बाड़मेर, जोधपुर, पाली, अजमेर, टोंक, दौसा व जयपुर से होकर गुजरेगा. इतना ही नहीं, इस हाईवे के बन जाने पर जयपुर से जोधपुर के बीच का सफर साढ़े चार घंटे में ही तय हो सकेगा.