जन्मदिन विशेष: गृह मंत्री अमित शाह ने डेढ़ साल में लिए अहम निर्णय, CAA और आर्टिकल 370 रहे खास

मोदी सरकार (Modi Government) के दूसरे कार्यकाल में दो बड़े फैसले हुए, जिसमें गृह मंत्रालय (home Ministry) की भूमिका बेहद अहम थी. ये थे आर्टिकल 370 को जम्मू कश्मीर (Jammu and kashmir) से हटाना और नागरिकता संशोधन विधेयक (Civil amendment bill) का संसद में पारित होना. विपक्ष के तमाम विरोध के बावजूद इन फैसलों को सरकार के अलग-अलग मंत्रियों ने जायज ठहराया. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इस सबमें सरकार और अपनी पार्टी की अगुवाई की.

Source: News18Hindi Last updated on: October 22, 2020, 2:27 PM IST
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जन्मदिन विशेष: गृह मंत्री अमित शाह ने डेढ़ साल में लिए अहम निर्णय, CAA और आर्टिकल 370 रहे खास
अमित शाह.
पूरा देश से पिछले 8 महीने से कोविड की महामारी से जूझ रहा है. खुद गृह मंत्री अमित शाह जी कोरोना पॉजिटिव हुए. इसके बावजूद लगातार लॉकडाउन और अनलॉक फेस वन के दौरान देशभर में गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहीं और शाह ने गृह मंत्रालय की भूमिका को लगातार मजबूत किया. यह गृह मंत्री अमित शाह की सक्रियता का ही नतीजा था कि कोरोनावायरस के इलाज के लिए देशभर में न्यूनतम दर सुनिश्चित की गई. अस्पतालों के लिए गाइडलाइंस बनना और लॉकडाउन के दौरान महत्वपूर्ण चीजों की सप्लाई ना रुके, यह सुनिश्चित करना भी गृह मंत्रालय की तरफ से महत्वपूर्ण कदम था. इससे पहले दिल्ली दंगों के दौरान भी शांति बहाली के कदम गृह मंत्रालय ने उठाए थे, हालांकि विपक्ष ने इस पर आरोप लगाया था

इससे पहले अगर हम नजर डालें तो गृह मंत्रालय की तरफ से मोदी सरकार (Modi Government) के दूसरे कार्यकाल में दो ऐसे बड़े फैसले हुए, जिसमें गृह मंत्रालय (home Ministry) की भूमिका बेहद अहम थी. ये था आर्टिकल 370 को जम्मू कश्मीर (Jammu and kashmir) से हटाने और नागरिकता संशोधन विधेयक (Civil amendment bill) का संसद के दोनों सदन में पारित होना. इन दोनों फैसलों ने देश और विदेश से सबका ध्यान खींचा. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, एनआईए संशोधन विधेयक के पारित होने में भी गृह मंत्रालय ने बहुत ही महत्वपूर्ण किरदार निभाया. ऐसे में सवाल ये उठता है कि इतने महत्वपूर्ण विधेयकों का संसद में पारित हो जाना और सरकार का उसके बाद क्या रुख है, तो इसका जवाब यही है कि बेहद मजबूती से विपक्ष के तमाम विरोध के बावजूद इन फैसलों को सरकार के अलग-अलग मंत्रियों ने पीएम मोदी (PM Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की अगुवाई में जायज ठहराया. आइए नजर डालते हैं कि कब ये फैसले लिए गए और कितनी मजबूती से गृह मंत्री अमित शाह इसके साथ खड़े रहे.

कश्मीर से धारा 370 हटाना और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक
5 अगस्त 2019 को राज्यसभा में सुबह करीब 11.05 पर जब देश को पता चला कि 70 साल पुरानी इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है तो मानो हंगामा मच गया. उसी वक्त संसद में कोई जमीन पर बैठ गया, तो किसी ने अपने कपड़े तक फाड़ दिए. अगले कुछ दिनों तक इन दोनों विधेयकों पर संसद के दोनों सदनों में जमकर चर्चा हुई. विपक्ष के हर आरोप का गृह मंत्री ने जवाब दिया और संख्याबल के आधार पर ये बिल पारित हो गया. जब नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई तो इसके लिए सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि ऐसी रणनीति बनाई जाए, जिससे जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का बराबर विकास हो. इतना ही नहीं जो 80 हजार करोड़ की परियोजनाएं चल रही हैं उनका फायदा सीधा जनता तक पहुंचे. खुद गृह मंत्रालय ने सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों के समन्वय का जिम्मा उठाया और नई परिस्थियों में नीतियों का निर्माण जनता की जरूरत के हिसाब से किया जाने लगा. इसमें कश्मीर के बागानों का सेब भारत के हर नागरिक तक पहुंचे, कश्मीर के युवाओं को रोजगार का मौका मिले, जम्मू के सीमावर्ती इलाकों के गांव के लोगों को नौकरी मिले, लद्दाख में सोलर पावर प्रोजेक्ट और टूरिज्म प्लान पूरी तरीके से सफल हो. इसके लिए इन योजनाओं पर खासा ध्यान दिया गया. इसके अलावा जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के शिक्षण संस्थाओं में शिक्षकों की कमी न हो और अस्पतालों में दवा और डॉक्टर रहें, ये भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता थी.
हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनावी रैलियां हों या फिर अलग अलग जगह साक्षात्कार देना हो, हर जगह गृह मंत्री अमित शाह ने ये दोहराया कि ये दोनों फैसले देश की जरूरत के हिसाब के मुताबिक थे.


इसका नतीजा यही रहा कि घाटी में हिंसा की घटनाएं न के बराबर हो रही हैं और उन तीनों इलाकों में लोगों की जरूरत के मुताबिक विकास किए जा रहे हैं. गृह मंत्री ये भी लगातार कहते रहे कि भारी सुरक्षाबलों की मौजूदगी केवल कुछ समय के लिए ही है और कश्मीर में हालात सामान्य करने की दिशा में सरकार हर प्रयास कर रही है. इसी सिलसिले में कुछ दिनों पहले अर्धसैनिक बलों की 72 कंपनियों को वापस बुलाने का फैसला गृह मंत्रालय ने किया है.

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसद के पहले सत्र में जब कश्मीर से जुड़े ये विधेयक दोनों सदनों में पारित हुए तो सरकार को अपनी संख्याबल का पूरा अंदाजा हो गया था. अब बारी थी नागरिकता संशोधन विधेयक की. हालांकि बीजेपी की कुछ सहयोगी पार्टियों ने विपक्ष के साथ साथ इस बिल का विरोध किया. लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी कमान पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने संभाली. संसद से लेकर चुनावी रैलियों में इस विधेयक की तरफदारी की और इसे जायज ठहराया. संसद में इस विधेयक के पारित होने के बाद इसे लेकर सड़कों पर प्रदर्शन की तादाद बहुत ज्यादा थी और ये दिल्ली समेत पूरे देश में फैला था. तब गृह मंत्री ने इस फैसले को जायज ठहराया और इन प्रदर्शनों के पीछे विपक्ष की भड़काने की साजिश बताया. हालांकि, राजनीतिक पार्टियों और लोगों के विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है लेकिन पिछले विधेयक की तरह इस बार भी गृह मंत्री ने साफ कर दिया है कि ये फैसला देश के हित में है और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के लिए है.

आतंकवाद के खिलाफ लिए गए फैसले
एनआईए संशोधन विधेयक जिसमें एनआईए को शक्तियां दी गई कि विदेशों में भी वो आतंकी गतिविधियों के मामले में तफ्तीश कर सकती है, जहां भारतीय उस केस के पीड़ित हों. यूएपीए संशोधन विधेयक जिसमें संस्था के अलावा किसी व्यक्ति को भी आतंकी घोषित करने का प्रावधान है, जिसका जिक्र गृह मंत्री ने बार बार किया और ये संदेश देने की कोशिश की कि आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार में कोई नरमी नहीं है.

नागरिकता संशोधन विधेयक और कश्मीर पर लिए गए फैसले पर विपक्ष और कुछ अतंर्राष्ट्रीय संगठन अब भी सवाल उठा रहे हैं. प्रदर्शन का दौर अभी थमा नहीं है और सबकी नजरें इसी पर है कि आखिरकार आगे होगा क्या. लेकिन इन सब के बीच गृह मंत्री दोनों फैसलों को जायज तो ठहरा ही रहे हैं. इसके साथ ही नागरिकता कानून संशोधन विधेयक की बारीकियां कैसे जनता तक पहुंचे, इसके लिए भी प्रचार और पार्टी स्तर पर एक व्यापक अभियान शुरू किया है. केन्द्र सरकार की तरफ से बार बार इस कानून की छोटी-छोटी बातें समय-समय पर प्रकाशित की जाती हैं और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे अपने पार्टी कार्यक्रम में शामिल किया है. (डिस्क्लेमर: यह लेखक के निजी विचार हैं.)
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अमित पांडेय

अमित पांडेय

संवाददाता

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First published: October 22, 2020, 2:27 PM IST
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